संजीव महाजन,नूरपुर: आज के युग में यहां अपने अपनों के सहारा बनने से कतराते हैं वहीं मानव सेवा में एंजेल दिव्यांग आश्राम एक मिसाल बना हुआ है। यहां दिव्यांग बच्चों का निशुल्क इलाज किया जाता है। आश्रम की यही पहल अब रंग भी दिखाने लगी है और एंजेल दिव्यांग आश्रम रैहन छत्तर की संचालक दंपति व स्टाफ की मेहनत से दिव्यांग आश्रम में एक 12 साल के बच्चे अर्शदीप को नया जीवन मिला है।
बडुखर गांव का यह बच्चा इससे पहले चलने फिरने में बिल्कुल असमर्थ था व ठीक से बोल भी नहीं पाता था। 3 साल पहले परिजन इलाज के लिए अर्शदीप को आश्रम लाए थे। इलाज के बाद अब बच्चा चलने लग पड़ा हैं जिससे बच्चे के परिजन बेहद खुश है। उन्होंने आश्रम के संचालकों व स्टाफ का भी धन्यवाद किया है ।
आश्रम की संचालिक नीरज शर्मा ने बताया कि उक्त बच्चा जब आश्रम में लाया गया था तो बिल्कुल चल फिर नहीं सकता था न ही बोल पाता था, लेकिन आश्रम में कार्यरत विशेषज्ञ फिजियोथैरेपिस्टों व स्पीच थरेपिस्टों के आधुनिक मशीनों के माध्यम से इलाज के बाद बच्चा अभी काफी हद तक ठीक है। उन्होंने बताया की दिव्यांग आश्रम में इससे पहले भी कई दिव्यांग बच्चे स्वस्थ हो चुके है।
