संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में सेब सीजन की शुरुआत हो चुकी है और अर्ली वैरायटी सेब मंडियों में आना शुरू हो गया हैं। इस मौके पर प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी सरकारी योजनाओं का जायजा लेने पराला मंडी पहुंचे। यहां पहुंचने पर बागवानों ने उन्हें घेर लिया प्रदेश में पहली बार वजन के हिसाब से सेब बेचा जा रहा है ऐसे में बागवानों में चिंताएं और कन्फ्यूजन हैं जिसके बारे में उन्होंने मंत्री से बातचीत की।
वहीं प्रति पेटी 2 किलो की कटौती पर सेब खरीदने के मामले पर प्रदेश बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार ने सेब को वजन से बेचने का फैसला बजट सत्र के आखिरी दिन कर दिया था। उन्होंने कहा कि मंडियों में सेब वजन के हिसाब से ही बिकेगा फिर चाहे बागवान 5 किलो की पैकिंग लेकर आते हैं या 24 किलो की। जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार ने 24 किलो की सीलिंग लगाने का फैसला जनता के हित में देखते हुए किया था। अगर इसमें संशोधन की जरूरत है तो सरकार उसके लिए तैयार हैं और अधिकारियों के साथ बैठकर इसको लेकर फैसला किया जाएगा।
वहीं यूनिवर्सल कार्टन की उपलब्धता को लेकर प्रदेश बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में सेब को वजन से बेचने का यह पहला साल हैं,ऐसे में बागवानों को पिछले बचे हुए पैकेजिंग मैटेरियल का नुकसान ना झेलना पड़े इसलिए यूनिवर्सल कार्टन के इस्तेमाल को फ्लैक्सिबल रखा गया हैं।
पराला सेब मंडी का दौरा करके लौटे बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि उन्होंने पराला सेब मंडी में बन रहे प्रोसेसिंग यूनिट और नए बन रहे मार्केट यार्ड का निरीक्षण किया हैं। इसके अलावा उन्होंने मंडी के लिए सड़क के चौड़ीकरण का भी निरीक्षण किया हैं।
जगत सिंह नेगी सेब मंडी में भी पहुंचे और सेब की बोली में भी हिस्सा लिया। जगत सिंह नेगी ने सेब के वजन के हिसाब से अच्छे दामों पर बिकने की बात कही और कहा कि लोगों की ओर से भी सुनने को मिल रहा है कि वजन के हिसाब से सेब बेचे जाने का फैसला सही हैं लेकिन सरकार को 24 किलो की अप्पर सीलिंग को हटा देना चाहिए।
