राहुल चावला,धर्मशाला: केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कैंपस के निर्माण कार्य पर एक बार फिर से रोक लगा दी गई हैं। जदरांगल में इस कैंपस का निर्माण कार्य कार्य शुरू हुआ था, वहां से मशीनरी को हटा लिया गया हैं,ऐसे में ग्रामीण असमंजस में हैं कि यहां यूनिवर्सिटी बनेगी या नहीं। ग्रामीणों ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेता दिया है कि इस मामले में स्थिति स्पष्ट की जाए साथ ही सीयू को यदि धर्मशाला से शिफ्ट किया गया तो ग्रमीणों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी भी दे दी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सीयू वैसे तो धर्मशाला के लिए स्वीकृत हुई ओर सौ फीसदी निर्माण धर्मशाला में होना था, लेकिन बाद में इसका विभाजन करके 70 फीसदी देहरा और 30 फीसदी निर्माण धर्मशाला में करने की बात कही गई, लेकिन अब जो सूचनाएं मिल रही हैं, उससे तो यही लग रहा है कि 30 फीसदी को भी शिफ्ट किया जा रहा हैं। यदि ऐसा हुआ तो ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे, क्योंकि ग्रामीणों ने अपनी बेशकीमती भूमि सीयू निर्माण के लिए दी हैं,जो कि सीयू प्रशासन के नाम हस्तांतरित भी हो चुकी हैं।
जदरांगल से संबंधित सीनियर सिटीजन संसारमित्र का कहना हैं कि मशीनरी आई थी, काम चल पड़ा था, लेकिन अब काम बंद हो गया और मशीनरी भी ले गए हैं। सरकार ने विश्वसनीयता खो दी है, जनता में फ्रस्टेशन है और अब इसका विस्फोट होगा। 2 पंचायतों की जनता ने 600 कनाल भूमि दी हैं। जदरांगल में सीयू नहीं बनी तो जनता का दोनों सरकारों से विश्वास उठ जाएगा। शिलान्यास के समय धर्मशाला व देहरा में एक साथ काम शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा की जनता राजनीतिज्ञों से उनकी मनोस्थिति सीयू के बारे में जानेगी, उसके बाद रणनीति बनाकर जनता सड़कों पर उतरेगी।
वहीं जदरांगल के सुरिंद्र कुमार ने कहा कि पहले यहां आईटी पार्क का शिलान्यास हुआ। फिर सीयू का कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का बयान था कि धर्मशाला में सीयू के बारे में पता नहीं ऐसी बातों से नेता जनता को मनोबल गिरा रहे हैं। सीएम सुक्खू केंद्र के समक्ष सीयू का मसला वह रखेंगे। उन्होंने कहा कि जदरांगल में स्लाइडिंग जोन की बात कही जा रही है, हाल ही में आए भूकंप में कितने मकानों में दरारें आई या पहले कितने मकान यहां लैंड स्लाइडिंग में दब गए राजनेता आपसी खींचतान बंद करके जल्द इस बारे स्थिति स्पष्ट करें, अन्यथा जनता सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेगी।
वहीं बल्ला जदरांगल की प्रधान रीता देवी ने कहा कि सीयू यहीं बननी चाहिए। जनता ने यहां सैंकड़ों कनाल भूमि सीयू के लिए दी हैं। शिलान्यास यहां किया गया है तो निर्माण भी यहीं होना चाहिए। जिस तरह से ग्रामीणों ने निर्माण को लेकर रोष है, यदि ग्रामीण संघर्ष करते हैं तो पंचायत भी ग्रामीणों का साथ देगी।
