शिमला-: हिमाचल प्रदेश में रोजगार के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने सुक्खू सरकार पर युवाओं से चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए सरकार से रोजगार के आंकड़ों पर स्पष्ट जवाब मांगा है।भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। अब सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में करीब एक लाख रोजगार देने की बात कर रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस की चुनावी गारंटी और मौजूदा दावों के बीच बड़ा अंतर बताया।
भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, सरकार के अनुसार दिसंबर 2025 तक 32,223 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि करीब 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। सरकार ने दिसंबर 2026 तक यह संख्या 50 हजार तक पहुंचाने और अगले वर्ष 30 हजार से अधिक नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। भारद्वाज ने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की नौकरियों का दावा अब पांच साल के लक्ष्य में बदल गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के लाखों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन महत्वपूर्ण नियुक्तियों को लेकर सरकार के करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नियमित सरकारी नौकरी, आउटसोर्स रोजगार और निजी क्षेत्र में रोजगार के आंकड़े अलग-अलग कितने हैं।भारद्वाज ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस अब निजी क्षेत्र के रोजगार को भी अपने रोजगार लक्ष्य में शामिल कर रही है, तो चुनाव के समय किए गए पक्की सरकारी नौकरियों के वादे का क्या हुआ।उन्होंने सरकार से मांग की कि पहली कैबिनेट की गारंटी के तहत स्वीकृत पदों, जारी नियुक्ति पत्रों और नियमित सरकारी नौकरियों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल का युवा अब नए आश्वासन नहीं, बल्कि पुराने वादों का हिसाब मांग रहा है।

