चिंतपूर्णी, विकास-: हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र के समापन के बाद जसवां-प्रागपुर के विधायक एवं पूर्व मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने चिंतपूर्णी में पत्रकार वार्ता कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया।विक्रम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा में प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और स्थानीय स्तर की विभिन्न समस्याओं को विपक्ष ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने सरकार से कई सवालों के जवाब आंकड़ों और तथ्यों के साथ मांगे, लेकिन सरकार संतोषजनक उत्तर देने में असफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मुद्दों पर सरकार का रवैया स्पष्ट नहीं था और वह सदन में बैकफुट पर नजर आई।
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस सरकार की चुनावी गारंटियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले हर साल एक लाख और पांच साल में पांच लाख पक्की नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार अपने ही वादों से पीछे हटती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि सरकार घोषणाओं तक सीमित है।जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रागपुर और डाडासीबा में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणाएं अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। उन्होंने इसे क्षेत्र की जनता के साथ धोखा बताते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।उन्होंने कहा कि भाजपा आने वाले दिनों में जनता के मुद्दों को लेकर बूथ स्तर तक आंदोलन करेगी। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन की रणनीति पर भी चर्चा की। ठाकुर ने दावा किया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी संजीव शर्मा, राजेश शर्मा, डीके शर्मा और कुलदीप कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

