केलंग : तकनीकी शिक्षा, जनजातीय विकास, सूचना प्रौद्योगिकी व जन शिकायत निवारण मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा ने जनजातीय विकास परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की रिपोर्ट ली। बैठक की समीक्षा करते उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग का बजट लैप्स नहीं होना चाहिए, तथा यथासंभव प्रत्येक कार्य को शीघ्र आरम्भ करें।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग अच्छा कार्य कर रहे हैं, बजट ख़र्च पिछली बैठक में 3 प्रतिशत से बढ़कर इस बैठक तक 23 प्रतिशत हुआ है,परन्तु कुछ विभागों में कार्यों को निश्चित समय सीमा के भीतर करने के लिये तीव्रता से करने की आवश्यकता है। जनजातीय उप-योजना के बजट का उपयोग लाहौल के भौगोलिक कारणों से सीमित कार्यअवधि तथा चुनावी वर्ष को देखते हुए तेज़ी से होना चाहिए ताकि विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके।
कार्यों के टेन्डर करने की प्रक्रिया 15 सितम्बर से पहले पूर्ण किये जाने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्दियों के लिए पशुचारा की आपूर्ति के आदेश के लिए कृषि व पशुपालन विभाग पंचायत प्रतिनिधियों से मशवरा करके आवश्यकता अनुसार व्यवस्था करें।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनता की मांग के अनुसार मनरेगा के माध्यम से प्रत्येक पंचायत में लोगों को सेब के पौधे वितरित किये जायें, इसके लिए पंचायत स्तर पर सभी से डिमांड ली जाए। बैठक में ज़िलाधीश सुमित खिमटा, एसडीएम प्रिया नागटा, एसडीएम उदयपुर निशान्त तोमर, पीओआईटीडीपी रोहित शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक हेमन्त ठाकुर, सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
