अरविंदर सिंह, हमीरपुर : कांग्रेस की ओर से प्रदेश में निकाली जा रही रोजगार संघर्ष यात्रा ओर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव आश्रय शर्मा के इस्तीफ़े पर भाजपा की ओर से कांग्रेस को घेरा जा रहा है। भाजपा जिला महामंत्री अभयवीर लवली ने कांग्रेस की ओर से निकाली जा रही रोजगार संघर्ष यात्रा को वास्तव में कांग्रेस की सत्ता संघर्ष की यात्रा बताया है। उन्होंने कहा कि आज सुबह ही हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आश्रय शर्मा ने इस युवा रोजगार संघर्ष यात्रा से किनारा कर लिया है। कांग्रेस के लोगों का आपस में किसी तरह का कोई समन्वय नहीं है। आश्रय शर्मा कह रहे है कि शिमला से लगातार मंडी में दखलअंदाजी की जा रही है। यात्रा को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही। यह तो होना ही है।
लवली ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस यात्रा की कमान भी ऐसे लोगों के हाथ सौंपी जिनके परिवारों ने सत्ता में रहते न जाने कितने लोगों का रोजगार छीना। विक्रमादित्य सिंह और रघुवीर सिंह बाली इस यात्रा के अगुवा बने हैं, लेकिन इन दोनों नेताओं के परिवारों ने किस तरह से सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया, यह हिमाचल का बच्चा-बच्चा जानता है। उन्होंने कहा की जीएस बाली और वीरभद्र सिंह आज इस दुनिया में नहीं हैं और हम उनका पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन जिस तरह से सरकार में रहते इन्होंने अपने क्षेत्रों में नौकरियों की बंदरबांट की वो किसी से छुपा नहीं है। दिवंगत नेता जीएस बाली जब सरकार में मंत्री थे तो उनके विभागों में होने वाली भर्तियों में सिर्फ एक क्षेत्र के युवा भर्ती होते थे। सरकारी नौकरियों में सिर्फ जीएस बाली के क्षेत्र और रामपुर-रोहड़ू के लोगों को प्राथमिकता दी जाती थी।
लवली ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय के जिस तरह से परिवहन निगम में कंडक्टर और अन्य कर्मचारी भर्ती करने के दौरान नियमों को नजरअंदाज किया गया। कांग्रेस के भ्रष्टाचार के कारण कई भर्तियां रद्द हुई को कई भर्तियां कोर्ट पहुंची। कांग्रेस के नेताओं को शर्म आनी चाहिए। आज किस मुंह के साथ वो रोजगार संघर्ष यात्रा निकाल रहे हैं।
लवली ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों में नौकरियां बेची जाती थीं, चिटों पर नौकरियां दी जाती थी। उस समय युवाओं के साथ धोखा करने वाले आज उनके लिए रोजगार संघर्ष यात्रा निकाल रहे है। उन्होंने कहा की यह महज एक छलावा है। उन्होंने कहा की रोजगार यात्रा और नौकरी देने के नाम पर युवाओं को ठगना वीरभद्र सिंह परिवार और बाली परिवार का पुराना राजनीतिकसगुफ़ा है। जब-जब चुनाव आते हैं तो कांग्रेस के यह लोग ऐसी यात्रा निकालने लग जाते हैं। दिवंगत पूर्व मंत्र जीएस बाली ने तो 2015 में अपनी ही सरकार के खिलाफ ऐसी यात्रा निकालने की तैयारी कर दी थी। उस समय स्व. वीरभद्र सिंह ने कहा था कि यात्राएं करने से यदि रोजगार मिलता तो मैं प्रदेश का पांच बार भ्रमण कर लेता। 2012 में भी पूर्व मंत्री जीएस बाली ने ऐसी ही रोजगार यात्रा निकाली थी,लेकिन 2012 से 2017 तक वह खुद मंत्री रहे तो उन्होंने कितने लोगों को रोजगार दिलाया? उल्टा हालत यह थी कि 2015 में वह खुद मंत्री होने के बावजूद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ ही रोजगार यात्रा निकालने की तैयारी में थे। उन वीरभद्र सिंह के खिलाफ, जिनके तथाकथित विकास मॉडल का जिक्र आज कांग्रेस पूरे हिमाचल में कर रही है।
उन्होंने कहा कि पूरा हिमाचल जानता है कि इस तरह की यात्राएं महज चुनावी स्टंट है। इससे ज्यादा कुछ नहीं। यह लोग युवाओं को भ्रमित करना चाहते हैं। यात्रा निकालने से नहीं बल्कि नीति बनाने से युवाओं को रोजगार मिलेगा और नीति बनाने का काम जयराम ठाकुर की सरकार ने किया है। जयराम सरकार में स्वावलंबन योजना का हज़ारों युवा लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की दृष्टि से स्वावलंबन योजना को शुरू किया गया था। योजना के तहत कुल 721 करोड़ रूपये का निवेश हुआ। 200 करोड़ रूपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसमें कुल 4 हजार 377 इकाइयां क्रियान्वित हो चुकी हैं। 11,674 लोगों को रोजगार मिल चुका।
उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस जिस वीरभद्र सिंह विकास मॉडल का ढिंढोरा सारे प्रदेश में पीट रही है, उसकी हकीकत यह थी कि चुनाव से पहले तो बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी मगर सत्ता में आते ही देने से इनकार कर दिया था। आज कांग्रेस के नेता चुनावी गारंटियां दे रहे हैं, लेकिन जनता जानती है कि जितने जल्दी यह वादे कर रहे है उससे जल्दी कांग्रेस के नेता मुकर भी जाते है। यही कारण है कि हिमाचल की जनता कांग्रेस की ओर से दी जा रही गारंटियों पर भी यकीन नहीं कर रही।
