अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): हमीरपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर में जिला के सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों की विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन अनिल कौशल ने की। बैठक में जिला हमीरपुर के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के सभी प्रिंसिपलों ने भाग लिया। बैठक में स्कूलों में गिरते बच्चों के प्रवेश के अनुपात पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इसके साथ ही स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदमों और सरकार की ओर स्व दिए जा रहे दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की भी बात की गई।
डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन अनिल कौशल ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में छात्रों के गिरते अनुपात के विषय को लेकर सरकार चिंतित भी हैं। उन्होंने कहा कि इसी के मद्देनजर आज इस बैठक में विशेष रूप से इस विषय पर चर्चा की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के अलावा एक्सीलेंस केंद्र खोलने पर बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे शिक्षकों को दूसरे विभागों में मर्ज करने की स्थिति भी पैदा हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि गिरते अनुपात के कारण शिक्षा विभाग में विभिन्न चुनौतियां सामने आ रही है जिसको लेकर भी इस पर चर्चा की जाएगी।
फिसल गई डिप्टी डारेक्टर की ज़ुबान
वहीं प्रिंसिपलों की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन हमीरपुर की एक मामले को लेकर ऐसी जुबान फिसली कि मामला समझ से बाहर हो गया। शिक्षा के गुणात्मक सुधार को कैसे और बेहतर बनाया जा सकता है इस विषय को लेकर वह मीडिया से रूबरू हो रहे थे कि उन्होंने अचानक अपनी बात में भैंस मर जाने पर पूर्व सरकार लोगों को क्य मुआवजा देती थी और मौजूदा सरकार क्या मुआवजा दे रही है इसका ही गुणगान कर डाला। डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन अनिल कौशल बैठक में हिस्सा लेने आए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस बार जो आपदा आई उसके बावजूद सरकार ने शिक्षा विभाग में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दी । बच्चों की शिक्षा का पूरा ख्याल रखा गया । इस बीच उन्होंने पूर्व सरकार की वर्तमान सरकार के साथ तुलना करते हुए कहा कि एक भैंस भी अगर मर जाती थी तो पूर्व सरकार क्या मुआवजा देती थी और मौजूदा सरकार क्या मुआवजा दे रही हैं।
