राहुल चावला, धर्मशाला: प्रदेश के स्कूलों में छात्रों के लिए चलाए गए वोकेशनल कोर्सेज में क्या परेशानियां ओर दिक्कतें पेश आ रही हैं इस बात का मंथन करने के लिए धर्मशाला कॉलेज में शिक्षक मंथन करने के लिए जुटे हैं। यहां राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क ) के तहत वोकेशनल शिक्षा के लिए स्कूल प्रिंसिपलों के लिए प्रदेश स्तर की ओरिएंटेशन करवाई जा रही हैं।
इस ओरिएंटेशन का उद्देश्य स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा को बढ़ावा देना, बच्चों को कौशल युक्त बनाना, वोकेशनल शिक्षा का प्रभावी ढंग से किर्यान्वयन करना ओर इसके क्रियान्वयन के लिए आ रही समस्याओं का निदान करना है। इसी कड़ी में शुक्रवार को धर्मशाला कालेज ऑडिटोरियम में स्टेट लेवल ओरिएंटेशन ऑफ स्कूल प्रिंसिपलस ऑन वोकेशनल एजुकेशन अंडर एनएसक्यूएफ के तहत वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
वर्कशॉप में वोकेशनल एजुकेशन समग्र शिक्षा विभाग में कार्यरत नोडल अधिकारी दिनेश ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा के 182 स्कूलों में जहां वोकेशनल एजुकेशन चल रही हैं, उनके प्रिंसिपल वर्कशॉप में भाग लेने पहुंचे हैं। एक दिन के इस ओरिएटेशन प्रोग्राम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर फोकस किया गया हैं।
वोकेशनल एजुकेशन प्रदेश के स्कूलों में किस तरह से लागू की जा रही है, किस तरह की गतिविधियां वोकेशनल ट्रेनर और प्रिंसिपल के माध्यम चल रही हैं, उस पर मंथन किया गया हैं। किस तरह की समस्याएं पेश आ रही हैं, उस पर चर्चा की गयी हैं। प्रिंसिपल से चर्चा की गई हैं कि क्या समस्याएं आ रही हैं, कंपनी के माध्यम से जो वोकेशनल टीचर्स नियुक्त होते हैं, उनकी क्या जरूरतें रहती हैं।
वर्कशॉप के पहले दिन जिला कांगड़ा के उन स्कूलों के प्रिंसिपल आए हैं, जिन स्कूलों में वोकेशनल एजुकेशन चल रही है, जबकि शनिवार को चंबा, हमीरपुर और ऊना के सभी प्रिंसिपल आएंगे। इसके बाद मंडी और शिमला में भी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
