Shimla, 22 July-भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के दावे केवल कागज़ी हैं और धरातल पर शिक्षा प्रणाली चरमराई हुई है। डॉ. जनक राज ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।
डॉ. जनक राज ने विशेष रूप से भरमौर, पांगी और लाहौल-स्पीति जैसे दूरदराज़ के जनजातीय क्षेत्रों की दुर्दशा पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों के स्कूलों में विज्ञान, गणित और अंग्रेज़ी जैसे विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भारी कमी, जर्जर स्कूल भवन और निष्क्रिय प्रशासनिक तंत्र इस ओर इशारा करते हैं कि सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। डॉ. जनक राज ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो रही है और स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता का अभाव है।
डॉ. जनक राज ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही शिक्षकों की भर्ती और शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं दी, तो जनता इसे चुनावों में ज़रूर याद रखेगी। डॉ. जनक राज ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और बच्चों का हक़ छीना जाना स्वीकार्य नहीं है।
