अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हमीरपुर जिला के स्वास्थ्य खंड नादौन के तहत आने वाले जोलसप्पड़ और रंगस द्वोत्र में आंत्रशोथ के 500 से ज्यादा मामले सामने आने से हडकंप मचा हुआ है। आंत्रशोथ बीमारी का पता चलने पर तुरंत जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है और कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भी मरीजों के घरों में जाकर दवाइयां दी हैं। आंत्रशोथ से क्षेत्र के दस गांव प्रभावित हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मरीजों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं और उन्हें जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध करवा रही हैं।
उपायुक्त देवश्वेता बनिक के अनुसार बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को दवाईयां दी जा रही है और स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल स्कीमों के सैंपल की जांच की जा रही है तो लोगों को भी एहतियात बरतने के लिए कहा गया हैं।
मरीजों के अलावा क्षेत्र के स्वस्थ लोगों को भी पानी उबाल कर पीने की सलाह दी गई। यह बीमारी किसी भी खाद्य पदार्थ से हो सकती है ओर पानी से भी हो सकती है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी पेयजल सैंपल लिए गए है जिनकी रिपोर्ट कल तक आने की उम्मीद हैं।
वहीं विभाग ने डायरिया प्रभावित क्षेत्रों में बाहर से लाकर शील्ड डिस्टल वाटर और टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाया। अभी तक पेयजल योजनाओं की आपूर्ति को बंद रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में यह देखा गया है कि पानी के स्रोतों के आसपास गंदगी के भी काफी ढेर लगे हुए हैं जो भविष्य में और समस्या कर सकते हैं। इससे आंत्रशोथ बीमारी और बढ़ सकती हैं। बीमारी फैलने के कारणों का पता लगाया जा रहा हैं ।
स्वास्थ्य विभाग नादौन के बीएमओ डॉ. के.के शर्मा ने बताया कि उल्टी दस्त बुखार के मामले का प्रमुख कारण मेन पाइप से पानी की सप्लाई हो सकती है इसलिए लोगों को पानी उबालकर इस्तेमाल करने के लिए कहा गया हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें लगातार इस सारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं लोगों को वायरस पाउडर सहित सभी जरूरी दवाइयां उपलब्ध करवाई गई हैं। लोगों को सभी चीजों के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है अभी सारी स्थिति नियंत्रण में हैं।
उपायुक्त देवश्वेता बनिक ने बताया कि बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को दवाईयां दी जा रही है और स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल स्कीमों के सैंपल की जांच की जा रही हैं। लोगों को भी एहतियात बरतने के लिए कहा गया हैं। उन्होंने बताया कि सभी प्रभावित लोगों को घरों में ही दवाइयां पहुंचा दी है और खाने पीने के तौर तरीकों में एहतियात बरतने की सलाह दी गई हैं।
