नाहन,सतीश शर्मा(TSN)-जिला सिरमौर का पच्छाद क्षेत्र नगदी फसलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है।यहां के किसान-बागवान विभिन्न फ्लो और फसलों उत्पादन कर अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर रहें है।सिरमौर जिला की उप तहसील नारग के गांव थलेडी के प्रगतिशील किसान विजेन्द्र सिंह ठाकुर और नरेंद्र पंवार ने किवी का उत्पादन कर मिसाल पेश की है।
बागवान विजेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्ष 1990 में पहली बार 100 पौधे किवी की एलीसन तथा हेबर्ट प्रजाति के लगाऐ,उसके चार साल बाद उन्होंने अपने बगीचे में 50 पौधे कीवी के और लगाऐ।आज उनके बगीचे में 150 कीवी के फलदार पौधे है उन्होंने बताया कि इसी माह सितम्बर में उनके बगीचे से लगभग 50 क्विंटल कीवी का उत्पादन हुआ जिससे उन्हें इसी व्यवसाय से 10 लाख रूपये की आमदानी हुई।उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें 100 पौधे किवी लगाने पर मुख्यमंत्री किवी प्रोत्साहन योजना के तहत 1 लाख 60 हजार रूपये अनुदान भी मिला। वह बताते हैं कि उनका संयुक्त परिवार है जिसमें परिवार के 6 सदस्य कृषि तथा बागवानी व्यवसाय से जुड़े है। इसके अतिरिक्त 2 अन्य लोगों को भी उन्होंने रोजगार दिया है।
प्रगतिशील बागवान नरेन्द्र पवांर का कहना ये
इसी गांव के प्रगतिशील बागवान नरेन्द्र पवांर बताते है कि उन्होंने वर्ष 1993 में डा0 वाई एस0 परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी से पहली बार किसी के 150 पौधे खरीदे व अपने खेतों में रोपित किए।उन्होंने कीवी की बागवानी संबंधी जानकारी व बारीकियां विश्वविद्यालय से प्राप्त की।उन्होंने बताया की अब उनके बगीचे में 300 कीवी के फलदार पौधे है। उन्होंने इस वर्ष 90 क्विंटल के लगभग कीवी का उत्पादन किया है जिससे उन्होनें 15 लाख रूपये से अधिक की आय अर्जित हुई हैं। उन्होंने बेरोजगार युवाओं से आहवाहन किया की वह सरकारी नौकरी की ओर भटकने की बजाय कीवी उत्पादन में रूची लें और अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ करें।
उद्यान विकास अधिकारी पच्छाद डा0 राजेश शर्मा बताते है की पच्छाद क्षेत्र की जलवायु कीवी उत्पादन के लिए सर्वोत्तम है।उन्होंने बताया की प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कीवी प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है जिसका बेरोजगार युवाओं को इस योजना का लाभ लेना चाहिए।उन्होंने बताया की पच्छाद क्षेत्र में लगभग 16 हेक्टेयर भूमि पर कीवी के पौधे रोपित किये गए है जिसके तहत 133 मीट्रिक टन कीवी का उत्पादन हो रहा है।उन्होंने बताया की कीवी फल में औषधीय तत्व विद्यमान है जो शरीर में खून की कमी व प्लेटलेट्स को बढ़ाने में मददगार साबित होते है।
