नाहन,26 नवंबर(TSN)-केंद्रीय ट्रेड यूनियन और संयुक्तं किसान मोर्चा के आह्वान पर आज सिरमौर जिला के पावटा साहिब में बड़ी संख्या में किसानो से जुड़े विभिन्न संगठनों के बैनर तले किसान सड़कों पर उतरे।इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया।
मीडिया से बात करते हुए CITU के जिला महासचिव आशीष कुमार ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 4 साल पहले जो किसानों की मांगे केंद्र सरकार के सामने उठाई थी और जिसको लेकर किसान आंदोलन शुरू किया था आज भी वह मांगे जस की तस बनी हुई है और सरकार उसे पर कोई गौर नहीं कर रही है उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानून को वापस लेने की बात कही गई थी मगर आज तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है।उन्होंने कहा कि सुनियोजित तरीके से 44 श्रम कानून को खत्म किया गया और यह वह कानून थे जिसके जरिए किसान मजदूर वर्ग अपने अधिकारों के खिलाफ लड़ने की इजाजत देते थे।उन्होंने कहा कि देश के भीतर आज बेरोजगारी बढ़ रही है और आउटसोर्स के जरिए ही भर्तियाँ की जा रही है जिसमें खुलकर भाई भतीजा बात किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के जरिये मांग की जा रही है कि 26000 न्यूनतम वेतन किसी भी प्रकार का काम करने वाले व्यक्ति को दिया जाना चाहिए।
बड़े आंदोलन की तैयारी में किस संगठन:तरसेम सगी
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रधान तरसेम सिंह सगी ने बताया कि आज उन सभी किसानों को भी याद किया जा रहा है जिन्होंने किसान आंदोलन के दौरान अपना बलिदान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान आश्वासन दिया था कि उनके सभी मांगो को पूरा किया जाएगा मगर बाद में किसानों की मांगों पर कोई गौर नहीं किया जा रहा जो सीधे तौर पर किसानों के साथ धोखा है।उन्होंने का आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा सिर्फ बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसान और बड़ा आंदोलन देश की भीतर करेंगे किसानों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।
