संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से सत्ता में आने पर पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल करने का दावा किया गया था। अब जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आ गई है तो भी वह अपने इस दावे पर बरकरार है और ओपीएस बहाल करने की बात कर रही है। इस बीच भाजपा के पूर्व मंत्री की ओर से कांग्रेस के इस दावे पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह का कहना है कि प्रदेश के वित्तीय हालात इस तरह के नहीं है कि यहां ओपीएस को बहाल किया जा सके। ऐसे में उन्हें कांग्रेस के वादे पर विश्वास नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनता के बीच जाकर झूठ फैलाया हैं। जनता भी कांग्रेस पार्टी के झूठ में आ गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली नहीं की जा सकती हैं।
वहीं उन्होंने कांग्रेस सरकार की ओर से जयराम सरकार के कार्यकाल में 1 अप्रैल 2022 से लिए गए सभी फैसलों को रिव्यू करने के आदेश पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को केवल आठ महीने ही नहीं बल्कि पूरे पांच साल के फ़ैसले रिव्यू करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने कभी कोई गलत फ़ैसला नहीं लिया हैं,ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को सभी फ़ैसले रिव्यू कर लेने चाहिए।
