बिलासपुर/सुभाष ठाकुर-कोलडैम प्रभावित क्षेत्र में मछुआरों के लिए दो दिवसीय जागरूकता शिविरो का आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर एनटीपीसी कोलडैम की ओर से मत्स्य विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इन शिविरो में जहां कोलडैम जलाशय में कार्य कर रहे मछुआरों को मछली पालन से संबंधी जानकारी दी जाएगी । वहीं, नवीन तकनीक से मछली व्यापार को बढ़ावा देने बारे भी जानकारी प्रदान की जाएगी ।
लोग अपना सकते हैं स्वरोजगार
मत्स्य विभाग ने पहले दिन कोलडैम प्रभावित क्षेत्र के कसोल गांव में शिविर लगाया । कार्यक्रम में एनटीपीसी के चीफ जनरल मैनेजर कुलविंद्र सिंह बतौर मुख्यतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कोलडैम जलाशय में पैदा हो रही मछली को पकड़ कर प्रभावित क्षेत्रों के लोग अपना स्वरोजगार अपना सकते हैं और इस काम में एनटीपीसी उनका पूरा सहयोग करेगी ।
कोलडैम की झील पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी
एनटीपीसी के सीनियर मैनेजर राजीव सहदेव ने कोलडैम के विस्थापितों को लेकर चलाई गई योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोलडैम जलाशय से प्रभावित हुए विस्थापितों को इस क्षेत्र में पर्यटन और अन्य गतिविधियों को संचालित करने और बढ़ावा देने में एनटीपीसी द्वारा हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी । उन्होंने कहा कि विकास की रफ्तार के साथ आने वाले समय में कोलडैम की झील पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। जिसके लिए युवाओं को अभी से इस क्षेत्र में पर्यटन को लेकर अपनी योजनाएं भी तैयार करनी चाहिए ताकि उनके लिए स्वरोजगार पैदा हो सके। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे कोलडैम जलाशय से अपने मछली व्यापार को बढ़ावा दें जिससे उन्हें घर के समीप ही आर्थिक लाभ मिल सके।
कोलडैम जलाशय में मछली उत्पादन की बहुत संभावनाएं
मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक श्याम लाल शर्मा ने कहा कि कोलडैम जलाशय में मछली उत्पादन की बहुत संभावनाएं हैं और इस जलाशय से प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगार युवा मछली व्यवसाय अपना कर स्वरोजगार पैदा कर सकते हैं । उन्होंने बताया कि एनटीपीसी के सौजन्य से यह मछुआरा जागरूकता शिविर कोलडैम जलाशय के कसोल, बेरल और सुन्नी तत्तापानी प्रभावित क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर एनटीपीसी और मत्स्य विभाग की ओर से सभी मछुआरों को मछली पकड़ने के जाल के साथ साथ प्रोत्साहन राशि भी भी प्रदान की गई। वही, कसोल सोसाइटी के प्रधान अनिल गौतम ने अपने सभी सदस्यों की ओर से इस जागरूकता शिविर लगाने के लिए मत्स्य विभाग और एनटीपीसी का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करने का आग्रह किया। इस जागरूकता शिविर में बहौट कसोल सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से दर्जनों मछुआरों ने भाग लिया। कार्यक्रम में एनटीपीसी के सहायक मैनेजर पूर्ण सिंह तथा कसोल क्षेत्र के मत्स्य अधिकारी अजय कुमार भी उपस्थित रहे।
