शिमला,संजु चौधरी(TSN)-उत्तर भारत में 555 वें गुरु नानक जी के जन्मदिवस को हर्षालस के साथ प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।इस अवसर पर संगते शीश नवाने के लिए और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हर्षोल्लास के साथ सिंह सभा गुरुद्वारा शिमला में सुबह 4:00 बजे से ही पधार रही हैं।इसके साथ ही नितनेम पाठ, सुखमनी साहिब, अखंड पाठ, सहज पाठ साहिब किया गया। लुधियाना से आए रागी बलजीत सिंह ने कीर्तन संगत को निहाल किया। स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने शिमला में गुरुद्वारे में माथा टेका और आशीर्वाद लिया।
स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने प्रदेशवासियों को गुरुनानक देव जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देवभूमि में सभी सम्प्रदाय को सम्मान दिया जाता हैं। गुरुनानक देव के प्रकाश पर्व पर उनके बताए मार्ग पर चलने की कोशिश की जानी चाहिए। गुरुनानक देव सभी को एक निगाह से देखते थे। उन्होंने कहा कि सभी धर्म सच्चे मार्ग पर चलने का रास्ता दिखाते हैं।वहीं सीपीएस मामले में बोलते हुए धनीराम शांडिल ने कहा कि कोर्ट के आदेश का सम्मान करना चाहिए। वहीं मामले को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को लेकर शांडिल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कोई भी जा सकता है।
सिंह सभा शिमला के अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने गुरु नानक जी के 555 गुरुपूर्व प्रकाश उत्सव पर देशवासियों को बहुत बहुत बधाई दी।आज सुबह से ही सिंह सभा गुरुद्वारा शिमला में सुबह से ही बाबा जी का प्रकाश हुआ,सुखमणि साहब का पाठ हुआ और कीर्तन भाई सुखजिंदर हजूरी रागी था गुरुद्वारा सिंह सभा।तदोपरांत भाई बलजीत सिंह लुधियाना से आए बतौर राजीरथ गुरुद्वारा जो विशेष तौर से गुरुपूर्व पर संगत को अपने कीर्तन द्वारा निहाल करने आए हैं,उन्होंने यहां कीर्तन किया।इस तरह के कीर्तन के कार्यक्रम आज दोपहर दो बजे तक सिंह सभा गुरुद्वारा शिमला में चलेंगे.वहीं गुरु का लंगर दोपहर 12:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि इस प्रकाश पर्व पर संगतों का हुजूम गुरुद्वारा सिंह सभा में बढ़चढ़ कर भाग लेने और गुरु कृपा लेने के लिए प्रधार रहा है। हर धर्म के लोग आज के दिन गुरुद्वारा में आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं ।सिख समुदाय के पहले गुरु माने जाने वाले गुरु नानक जी ने जिस राह पर लोगों को चलने के लिए कहा और प्रखंड को खत्म किया और लोगों को जातपात,ऊंच नीच से ऊपर उठकर सोचने के लिए कहा है जिस वजह से उन्हें सिख समुदाय का गुरु माना गया है और इसी लिए आज के दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है ।
