नाहन : देवेंद्र कुमार – प्रदेश सरकार स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है,लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नाहन के डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज अस्पताल का गायनी वार्ड इन दिनों दयनीय हालत में है । यहां भर्ती रोगियों का कहना है की बरसात में जहां गायनी वार्ड टपकता है तो वहीं कई स्थानों पर गायनी वार्ड की दीवारों में दरारें पड़ी हैं ।
यहां भर्ती एक गर्भवती महिला के पति ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जहां एक बच्चे ने जन्म लेना हो वहां की सुंदरता हुआ माहौल खुशनुमा होना चाहिए। लेकिन यहां दीवारों में दरारें पड़ी है बरसात में गायनी वार्ड कई स्थानों पर टपकता नजर आता है । उन्होंने कहा कि भारी बरसात से हिमाचल प्रदेश में कई भयभीत करने वाली तस्वीरें सामने आई है। ऐसे में यहां अस्पताल जैसे भवन में अगर दरारें पड़ी हो तो यहां भर्ती रोगी अपने आप को कितना सुरक्षित महसूस करेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक छोटे से कमरे में 8-8 बेड लगाकर गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जाता है और कई बार तो गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ने पर यहाँ एक बेड पर दो दो गर्भवती महिलाएं भी भर्ती होती है।
मीडिया से बात करते हुए डॉ वाई एस परमार मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएस डॉ नवीन गुप्ता ने बताया कि गायनी वार्ड मैं गर्भवती महिलाओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रबंधन ने गर्भवती महिलाओं के लिए 20 अतिरिक्त बेड एक अलग भवन में लगाए हैं । ताकि यहां गर्भवती महिलाओं को समस्याओं का सामना न करना पड़े । इसके अलावा अस्पताल में और बेहतर सुविधाएं जुटाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।
