अरविंदर सिंह,हमीरपुर: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से देश भर में एक जून से लेकर 30 जून तक बाल श्रम निरोधक महीने के रूप मनाए जाने के निर्देश जारी हुए हैं। इसके तहत हमीरपुर शहर में शनिवार को चार विभागों की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की हैं। कार्रवाई के तहत शहर में बा+ल मज+दूरी करते ओर भी+ख मांगते हुए आठ बच्चे मिले जिन्हें रेसक्यू किया गया हैं। रेसक्यू कर इनके अभिभावकों को भी बाल संरक्षण कार्यालय में तलब किया गया। इसके साथ ही अभिभावकों से वेरिफिकेशन के लिए बच्चों के आधार कार्ड मंगवाए गए।
जिन दुकानों से बा+ल मज+दूरी करते हुए बच्चे मिले हैं उन दुकानों के मालिकों के भी हाथ पांव फूल गए हैं। दुकान मालिकों को भी विभाग कार्यालय में तलब किया गया था। दुकान मालिकों से भी बच्चों से बाल मजदूरी करवाने के संदर्भ में पूछताछ की गई हैं। यदि काम करवाने वाले बच्चों के संदर्भ में काई पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए तो उन्हें भी विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
रेसक्यू ऑपरेशन के दौरान बाल संरक्षण अधिकार, चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी, पुलिस जूवेनाइल टीम ओर श्रम विभाग के अधिकारी शामिल रहे। संयुक्त रूप से चलाए गए इस ऑपरेशन में 14 साल ओर 18 साल आयु वर्ग से कम उम्र के बच्चे मिले हैं। इस आयु वर्ग के बच्चों से बा+ल मज+दूरी करवाना या फिर भी+ख मंगवाना कानूनी जुर्म हैं। चार विभागों की टीम ने शनिवार को अचानक ही शहर की दुकानों ओर ढाबों में छापेमारी की। शहर भर में निरीक्षण करती हुई टीम गांधी चौक पर पहुंची ओर यहां पर भी कुछ बच्चों को रेस+क्यू किया गया। संयुक्त रूप से चार टीमों की दबिश से दुकानदारों के होश उड़ गए।
जिला बाल सरंक्षण समिति की चेयरपर्सन एडवोकेट रेखा शर्मा ने बताया कि चारों विभागों ने संयुक्त रूप से शनिवार को हमीरपुर शहर में कार्रवाई की हैं। निरीक्षण के दौरान ढांबों व दुकानों पर बच्चे बा+ल मज+दूरी करते हुए पाए गए हैं जिन्हें रेस+क्यू किया गया। वहीं दो बच्चे भी+ख मांगते हुए भी पकड़े गए हैं। विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर ली है ओर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि श्रम कानून की उल्लंघना ओर बच्चों से भी+ख मंगवाना कानूनी तौर पर गलत हैं। उन्होंने बताया कि महीना भर पूरे जिला में यह कार्रवाई की जाएगी।
