नूरपुर, संजीव -: नशा तस्करी से जुड़े मामलों में संपत्तियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस जिला नूरपुर ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। Balwinder उर्फ Billa से संबंधित मामले में फ्रीज की गई संपत्तियों में शामिल होटल-कम-रेस्टोरेंट ‘क्वालिटी’ और आठ दुकानों का कब्जा अब थाना डमटाल पुलिस के अधीन रहेगा। सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने NDPS अधिनियम की धारा 68G के तहत थाना प्रभारी डमटाल को इन संपत्तियों का कब्जा लेने और उनका प्रबंधन करने के लिए अधिकृत किया है।
पुलिस जिला नूरपुर के एएसपी धर्मचंद वर्मा ने प्रेसवार्ता के दौरान कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस थाना डमटाल की ओर से फ्रीजिंग आदेश संख्या 2642-54/5A, दिनांक 11 अगस्त 2026 के तहत संबंधित संपत्तियों को फ्रीज किया गया था। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने 9 सितंबर 2026 को जारी आदेश में करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि की।इन संपत्तियों में मुहाल टोकी, NH-44 के समीप, तहसील इंदौरा स्थित होटल-कम-रेस्टोरेंट ‘क्वालिटी’ और आठ दुकानें शामिल हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उक्त संपत्ति उर्मिला देवी, पत्नी Balwinder उर्फ Billa के नाम दर्ज है।
SHO को मिला कब्जे और प्रबंधन का अधिकार
पुलिस जिला नूरपुर ने सक्षम प्राधिकारी से होटल और आठ दुकानों के संबंध में थाना प्रभारी डमटाल को प्रशासक नियुक्त करने का अनुरोध किया था। इसके बाद जारी आदेश में SHO डमटाल को NDPS अधिनियम की धारा 68G के तहत संपत्ति का कब्जा लेने और उसके प्रबंधन का अधिकार दिया गया है।आदेश के अनुसार संबंधित संपत्तियों में 00-02-28 हेक्टेयर भूमि, खाता संख्या 96, खतौनी संख्या 176, खसरा संख्या 738/719/35 व 739/719/35 तथा 00-01-32 हेक्टेयर भूमि, खाता संख्या 178, खतौनी संख्या 277 और खसरा संख्या 738/35 शामिल है। ये संपत्तियां मुहाल टोकी, NH-44 के पास, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा में स्थित हैं।
आय-व्यय पर भी रहेगी निगरानी
संपत्ति के कब्जे और प्रबंधन के साथ उससे होने वाली आय तथा खर्च पर भी निर्धारित नियमों के तहत निगरानी रखी जाएगी। संपत्ति से प्राप्त लाभ को स्वतंत्र रूप से निकालने, निवेश करने या स्थानांतरित करने पर प्रतिबंध रहेगा। आय-व्यय और संबंधित खातों की निगरानी की जाएगी, जबकि बड़े खर्चों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।संपत्ति का प्रबंधन NDPS अधिनियम की धारा 68T सहित लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि NDPS मामलों में संपत्तियों की फ्रीजिंग के बाद उनके कब्जे और प्रबंधन की कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

