अनिल कुमार, किन्नौर: किन्नौर जिला प्रशासन की ओर से पर्यटकों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से किन्नौर की पहाड़ियों पर ट्रैकिंग पर रोक लगा दी गई थी। अब प्रशासन की ओर से जिला की 15 हज़ार फिट से निचली पहाड़ियों पर ट्रैकिंग ओ एक बार फिर से बहाल के दिया है।
प्रशासन ने अपने फैसले मे बदलाव किए है और जिला की पहाड़ियों पर 15 हजार फिट से निचली पहाड़ियों पर ट्रेकिंग के प्रतिबंध को 10 अक्टूबर तक हटाया गया है।10 अक्टूबर के बाद मौसम के तहत ट्रैकिंग पर फैसला लिया जाएगा।
जिलाधीश आबिद हुसैन सादिक ने बताया जिला के कई ट्रेक उत्तराखंड व तिब्बत सीमा से जुड़ते है,ऐसे में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों से ट्रैकर खराब मौसम के बाद भी किन्नौर की ओर ट्रैकिंग के लिए आते है। इस दौरान मुसीबतों का सामना करना इन ट्रेकर्स को करना पड़ता है ओर क़ई ट्रैकर्स ने तो जिला की पहाड़ियों में ट्रैकिंग के दौरान अपनी जान भी गवाई है।
उन्होंने कहा कि जिला के लामखागा, रुपिन पास, बुरंगपास व दूसरे दर्रे है जो 15 हजार फिट है ऊंचाई पर है ऐसे में इन पहाड़ियों पर अब बर्फ भी पड़ चुकी है जिसके चलते फिलहाल ट्रैकिंग स्थलों पर ट्रैक बंद किया है, लेकिन 15 हज़ार फीट से निचली पहाड़ियों पर ट्रैकिंग को प्रशासन की ओर से खोला गया है। अब 15 हज़ार फीट से नीचे की ट्रैक वाली पहाड़ियों पर ट्रैकिंग के लिए प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
जिलाधीश ने कहा कि जिला के पहाड़ियों पर ट्रैकिंग के लिए जिस भी क्षेत्र से ट्रैक किया जाएगा उस स्थानीय प्रशासन व ट्रैक के दूसरी ओर के प्रशासन की अनुमति के बिना ट्रैकिंग करने पर सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधीश किन्नौर ने पर्यटकों व ट्रैकर्स को नियमों के तहत ही पहाड़ियों पर ट्रैकिंग करने की सलाह दी है ताकि किसी के जानमाल का नुकसान न हो।
