Kullu, Manminder-हालिया प्राकृतिक आपदा से उबरने की राह पर चल रहा कुल्लू जिला अब धीरे-धीरे फिर से सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। कुछ सप्ताह पहले तक घाटी में मायूसी और ठहराव का माहौल था, लेकिन दशहरा उत्सव के समापन के बाद दीपावली की तैयारियों ने शहर की रौनक और रफ्तार दोनों लौटा दी हैं।
ढालपुर और आसपास के बाजारों में अब सुबह से ही चहल-पहल दिखाई देने लगी है। लोग सजावटी सामान, दीये, मिठाइयां, कपड़े और अन्य त्योहारों की वस्तुएं खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। दुकानदार भी अपने स्टॉल और शो-रूम को नए रूप में सजा रहे हैं ताकि ग्राहकों को बेहतर अनुभव दिया जा सके। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग में त्योहारी उमंग झलक रही है। शाम होते-होते मेला मैदान में भीड़ बढ़ जाती है और पूरा माहौल दीपावली के उल्लास से भर उठता है।
पटाखों की खरीदारी ने भी रफ्तार पकड़ ली है। अस्थायी दुकानों पर परिवारों और बच्चों की भीड़ नजर आ रही है। बीते महीनों में प्रभावित रहा व्यापार अब फिर से गति पकड़ने लगा है और व्यापारी इसे आर्थिक पुनरुत्थान की शुरुआत मान रहे हैं।
स्थानीय दुकानदार राज सिंघानिया ने बताया कि “हाल की आपदा के बाद अब लोग धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट रहे हैं। दीपावली को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।”
पटाखों और सजावटी सामान के दुकानदार ईशान ठाकुर ने कहा कि “दशहरा के बाद बाजारों का माहौल पूरी तरह बदल गया है। लोग खुलकर खरीदारी कर रहे हैं और दुकानों पर अच्छी-खासी भीड़ है। दीपावली की तैयारियों के बीच जीवन एक बार फिर पटरी पर लौटता दिख रहा है।”
कुल्लू के बाजारों में बढ़ती चहल-पहल और सजी-धजी दुकानों से साफ झलक रहा है कि जिला अब आपदा की पीड़ा से आगे बढ़ चुका है। व्यापारी और स्थानीय लोग दोनों इस दीपावली को नई उम्मीदों और उत्साह के साथ मनाने की तैयारी में हैं।
