अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हमीरपुर के प्रतिष्ठित संस्थान
एनआईटी में शनिवार देर रात छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई हैं। यहां छात्रों ने एक दूसरे पर रॉड और पत्थरों से हमला बोला हैं। संस्थान में फर्स्ट ओर सेकेंड ईयर में पढ़ रहे छात्र इस हिसां में शामिल बताए जा रहें हैं। छात्रों के बीच मारपीट क्यों हुई और इसके पीछे की वजह क्या रही हैं, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई हैं।
मारपीट की यह घटना एडमिन ब्लॉक के ठीक सामने सेंट्रल ब्लॉक में हुई। जहां पर काफी तादाद में स्टूडेंट्स इकट्ठे हुए थे। जानकारी के मुताबिक फर्स्ट और सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स मारपीट की इस घटना में शामिल बताए जा रहे हैं। यह स्टूडेंट्स कैलाश और नीलकंठ दो अलग-अलग हॉस्टल में रहते हैं। मारपीट की यह घटना देर रात तक जारी रही जिसके बाद एनआईटी प्रशासन व हॉस्टल वार्डन घटनास्थल पर पहुंचे और हॉस्टल के बाहर गार्ड की अतिरिक्त तैनाती करवाई गई। वहीं पूरे कैंपस में भी गार्ड की गस्त देर रात तक जारी रही ।
बता दें कि8 एनआईटी कैंपस में कैफे और खानपान की अन्य दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं। हॉस्टल्स में गर्ल्स और बॉयज दोनों की एंट्री का टाइम भी बदल चुका हैं। पिछले कुछ समय से इसमें छूट दी गई हैं। दरअसल, कैंपस में आयोजित होने वाले स्टूडेंट्स फेयर ‘निंबस-2023’ की तैयारियां कर रहे हैं। रात 11 बजे तक इसकी स्वीकृति प्रशासन ने उन्हें दे रखी हैं। यह उत्सव वैसे तो मार्च माह के शुरू में ही हो जाना था, लेकिन इसे पोस्टपोन किया गया था। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों से देर रात तक स्टूडेंट्स इसकी तैयारी में जुटे थे। ऐसे में निंबस 2030 की तैयारी किस तरह से हिंसक झड़प में तब्दील हो गई यह जांच का विषय हैं।
वहीं इस घटना को लेकर एनआईटी के रजिस्ट्रार आरके बांसटू का कहना है कि वह आउट ऑफ स्टेशन हैं। जो घटना रात को हुई हैं, उसकी जानकारी मंगवाई गई हैं, जबकि एनआईटी के डायरेक्टर एचएल सूर्यवंशी का कहना है कि मारपीट की इस घटना की जानकारी मिली हैं। अब इस बात का पता नहीं चला है कि घटना में कितने छात्र घायल हुए हैं । वह आउट ऑफ स्टेशन हैं और अगले कुछ दिनों में लौटेंगे।
