Mandi, Dharamveer – मंडी जिला में पिछले ढाई महीनों से प्राकृतिक आपदाओं के हालात गंभीर बने हुए हैं। इसके साथ ही निर्माणाधीन मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे भी लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी और खतरे का सबब बन गया है। जनता 24 घंटे जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनएचएआई के तहत काम कर रही निर्माणाधीन कंपनी ने गलत कटिंग की है, जिसके चलते हाईवे कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है और आए दिन लैंडस्लाइड की घटनाएं हो रही हैं।बिजनी नाला, लंबाड़ी पुल और मैगल के पास हालात इतने खराब हैं कि सड़क किसी खेत जैसी नजर आती है। हाईवे पर बने कीचड़ और मलबे ने दोपहिया वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।स्थानीय निवासी अंजली का कहना है कि दिन-रात कंपनी के बड़े-बड़े वाहन हाईवे पर दौड़ रहे हैं, जिससे पुराने हाईवे की हालत और खस्ता हो गई है। वाहनों के दबाव से जाम की स्थिति भी लगातार बनी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर यहां पहाड़ों का विनाश किया जा रहा है।
बिजनी निवासी प्रदीप ठाकुर ने बताया कि इस हाईवे पर सफर करना इतना जोखिम भरा हो गया है कि आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। छोटे वाहन भी कीचड़ और मलबे में फंसकर सीधे वर्कशॉप पहुंच जाते हैं।
वहीं, समाया ठाकुर ने कहा कि मंडी से नारला तक हाईवे की हालत इतनी गंभीर है कि उन्हें समय पर बसें भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।स्थानीय दुकानदार मेघ सिंह ने बताया कि कंपनी के बड़े वाहनों के कारण उड़ने वाली धूल-मिट्टी से व्यापार और जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों को दोपहिया वाहन पर स्कूल पहुंचाना भी आफत बन गया है।जनता ने प्रदेश और केंद्र सरकार से इस हाईवे की स्थिति जल्द सुधारने और निर्माणाधीन कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
