Dharamshala, Rahul-ओबीसी समुदाय की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अब आंदोलन तेज होने जा रहा है। ओबीसी संघर्ष समिति के बैनर तले 20 सितंबर को कांगड़ा से धर्मशाला तक “सामाजिक न्याय यात्रा” निकाली जाएगी। इस यात्रा में प्रदेश के साथ-साथ बाहरी राज्यों से भी ओबीसी समाज के लोग शामिल होंगे। समिति पहले ही राज्यपाल को 20 सूत्रीय मांग पत्र सौंप चुकी है और अब डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा जाएगा।
ओबीसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सौरभ कौंडल ने कहा कि प्रदेश में आज तक 93वें संविधान संशोधन को लागू नहीं किया गया है, जिसके तहत शैक्षणिक संस्थानों में 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। मंडल कमीशन की रिपोर्ट भी अब तक ठंडे बस्ते में है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में ओबीसी अभ्यर्थियों को अक्सर “नॉट फाउंड सुटेबल” लिखकर बाहर कर दिया जाता है, जिस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने यह भी मांग की कि जाति आधारित जनगणना कराई जाए ताकि समुदाय की वास्तविक आबादी का पता चल सके। कौंडल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों में ओबीसी से जुड़े मंत्री और विधायक रहे, लेकिन वे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर समाज की आवाज नहीं बन पाए।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया तो ओबीसी समुदाय शिमला कूच करने से पीछे नहीं हटेगा।
