संजु चौधरी, शिमला: मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में क़ई महत्वपूर्ण फ़ैसले भी लिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना आरंभ करने पर निर्णय लिया गया। इस योजना के माध्यम से राज्य के सभी ज़िलों में स्थित बंजर चोटियों एवं पहाड़ियों को शामिल करते हुए राज्य में हरित आवरण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त तीखी ढलानों में भूक्षरण इत्यादि पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रधान मुख्य अरण्यपाल, वन सह वन बल प्रमुख की अध्यक्षता में एक कार्यबल का भी गठन किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि चयनित क्षेत्रों का सात वर्षों तक रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा और पौधरोपण ओर रखरखाव का यह कार्य आउटसोर्स आधार पर किया जाएगा, जिसमें स्थानीय निवासियों को भी शामिल किया जाएगा।
बैठक में कुछ शर्तों के साथ हिमाचल प्रदेश नौतोड़ नियम, 1968 को दो वर्षों के लिए कार्यान्वित करने का भी निर्णय लिया गया। यह क्षेत्र नेशनल पार्क, अभयारण्य, संरक्षित क्षेत्र (कंजर्वेशन रिजर्व), सामुदायिक संरक्षित (कॉम्यूनिटी रिजर्व), वन संरक्षित, डीपीएफ के अन्तर्गत नहीं होना चाहिए। नौतोड़ के लिए प्रस्तावित भूमि में खड़े पेड़ों की संख्या दो से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह भूमि केवल घरेलू उपयोग के लिए ही उपलब्ध करवाई जाएगी और संबंधित व्यक्ति की किसी भी प्रकार के वन अपराधों में संलग्नता नहीं होनी चाहिए।
बैठक में कुल 47 एजेंडे पर चर्चा हुईं। बैठक में नौ तोड़ जनजातीय क्षेत्रों में 20 बीघा से कम जमीन वालों किसानों को नौतोड़ जमीन दिए जाने पर भी फैसला हुआ। बैठक में आपदा प्रबंधन में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट बनाए जाने को लेकर भी फैसला हुआ जो एचएएस अधिकारी की देखरेख में रहेगा और आपदा के मामलों का निपटारा करेगा।
कैबिनेट की बैठक में राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोत्तरी करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों का समुचित रिकॉर्ड तैयार करने के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में परिवार रजिस्टर का रखरखाव नियम, 2023 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में हिमाचल प्रदेश पट्टा नियम-2013 (वर्ष 2016 एवं 2017 में संशोधित) पर भी एक प्रस्तुतिकरण दिया गया। जल विद्युत परियोजनाओं को लीज प्रदान करने के मुद्दे का समग्र रूप से परीक्षण करने ओर इनसे ली जाने वाली पट्टे की राशि के बारे में संस्तुति का भी निर्णय बैठक में लिया गया।
मंत्रिमंडल ने राज्य में लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से प्रदत्त सेवाओं के लिए ली जाने वाली राशि के युक्तिकरण को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने वस्तु एवं सेवा कर परिषद की सिफारिशों के क्रियान्वयन के दृष्टिगत केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर विधेयक, 2023 को भी स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में इन पदों को भरने की मिली मंजूरी
मंत्रिमंडल कि बैठक में एमसी,नगर पंचायत में रिक्त पड़े 47 पदों को भरने की मंजूरी देने के साथ ही
मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला में ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी मेडिसन विभाग को कार्यशील करने ओर रोगियों की सुविधा के दृष्टिगत नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ के अतिरिक्त 136 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया हैं। इससे संबंधित सभी छह विभागों न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, अनेस्थिसिया, ऑर्थोपेडिक और जनरल सर्जरी में तीन चरणों में चौबीसों घंटे सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।
बैठक में राज्य के नगर परिषदों और नगर पंचायतों में विभिन्न श्रेणियों के 87 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के दृष्टिगत राजस्व विभाग में परियोजना प्रबंधन इकाई की स्थापना ओर इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया। बैठक में मंडी जिला के धर्मपुर एवं पधर में नए स्थापित सिविल कोर्ट ओर नूरपुर, देहरा, पालमपुर, पावंटा साहिब और रोहड़ू में नव स्थापित अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायालय में सहायक जिला न्यायवादी के पद सृजित करने ओर पोस्को कोर्ट और सीबीआई कोर्ट में उप ज़िला न्यायवादी के सात पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही बैठक में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग में विभिन्न श्रेणियों के 7 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई हैं।
