संजु चौधरी, शिमला: 23 जून को पूर्व मुख्यमत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती हैं। इसी दिन शिमला के रिज मैदान पर प्रस्तावित उनकी प्रतिमा का शिलान्यास किया जाएगा। नगर निगम शिमला की बैठक में पहले ही प्रस्ताव पारित हो चुका हैं, लेकिन मंगलवार को कांग्रेस शासित शिमला नगर निगम की पहली बैठक में इस मामले को दोबारा उठाया गया और 23 जून से पहले जगह चयन पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिमला के विधायक हरीश जनारथा ने सदन में यह मामला उठाया और कहा कि प्रतिमा लगाने के लिए मात्र जगह चाहिए बाकी उसका सारा खर्चा दान से होगा। लोग प्रतिमा के निर्माण के लिए स्वेच्छा से दान करेंगे।
बैठक में सेहब सोसाइटी के तहत रखे गए 900 सफाई कर्मचारियों का मुद्दा भी गरमाया जिसमें सामने आया कि 300 सफ़ाई कर्मी हाजरी लगती हैं, लेकिन फील्ड से गायब रहते हैं। शिमला के विधायक ने तो यहां तक कहा की ये लोग शिमला से बाहर बैठकर मुफ्त बारह हज़ार प्रतिमाह वेतन लेते हैं। ऐसे सफ़ाई कर्मचारियों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को रोजगार मिल सके। जो अधिकारी बैठक में आने से गुरेज करते हैं, उनको मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने अगली बैठक में मौजूद रहने के सख्त आदेश दिए व जबाब तलब करने की बात कही।
इसके साथ ही सभी पार्षदों को सरकार की तरफ से नगर निगम को हर संभव मदद उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। नगर निगम शिमला की पहली बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर भी मामला उठाया गया, जिसमें निगम को दिशा निर्देश दिए गए कि जिन लोगों से करोड़ों लेना हैं उसको वह वसुल नहीं कर पा रही हैं, ऊपर से नए और टैक्स लगाए जा रहे हैं। मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शिमला शहर के विकास के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। पार्किंग, पानी व टैक्स को लेकर निगम बड़े फैसले करने जा रहा है ताकि शहर के लोगों को राहत मिल सके।
