शिमला, संजू -: नशा तस्करों के खिलाफ छेड़े गए अभियान में शिमला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डिजिटल ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो पंजाब और मोहाली से शिमला तक चिट्टा सप्लाई कर रहा था। कार्रवाई के दौरान कुल 203 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार पहला मामला रामपुर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 23 जून को डिटेक्शन सेल ने भैरा खंड सड़क पर एक वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन में सवार तीन युवकों के कब्जे से 25 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट गतिविधियों और बैंकिंग लेन-देन की गहन पड़ताल की। इसी जांच में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए ड्रग सप्लायरों तक पहुंचने में सफलता मिली।जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चिट्टा खरीदने के लिए नवदीप मेहता उर्फ पियूष को ऑनलाइन भुगतान किया था। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने पंजाब के जीरकपुर में दबिश देकर नवदीप को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मुख्य सप्लायर सचिन गौर को भी डकोली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
दूसरे मामले में स्पेशल सेल शिमला ने कनलोग स्थित एक होम स्टे में ठहरे एक युवक के कमरे से 16 ग्राम चिट्टा बरामद किया। तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण में गुरुवचन उर्फ गुरु का नाम सामने आया। पुलिस टीम ने मोहाली में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 162 ग्राम चिट्टा बरामद किया।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मांग के अनुसार शिमला के विभिन्न इलाकों में नशीले पदार्थ की सप्लाई करते थे। पुलिस को संदेह है कि नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान के लिए जांच जारी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान का फोकस केवल नशीले पदार्थ की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। इसी कड़ी में वित्तीय लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा रही है।
