नाहन : देवेंद्र कुमार ( TSN)- पड़दूनी पंचायत में रह रहे घुमंतू गुर्जरों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्याओं को लेकर डीसी सिरमौर से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पंचायत ने उन्हें बेघर करने का प्रस्ताव पारित किया है जो कि उनके साथ सरासर नाइंसाफी है।
घुमंतू गुर्जर करीब 40 वर्षों से रह रहे पड़दूनी पंचायत में
मीडिया से बात करते हुए घुमंतू गुर्जरों ने बताया कि वह लोग पिछले करीब 40 वर्षों से पड़दूनी पंचायत और गिरिनगर बिजली विभाग की भूमि में रह रहे हैं। यहां उन्होंने अपने घर बनाए हैं और सभी सरकारी सुविधा उन्हें यहां उपलब्ध है उन्होंने बताया कि इन्हीं क्षेत्रों में उनके बच्चे भी स्कूलों में पढ़ रहे हैं परंतु हाल ही में पड़दूनी पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर वन विभाग के माध्यम से उन्हें यहां से जाने का नोटिस दिया गया है जो न्याय संगत नहीं है। उन्होंने बताया कि पंचायत के नोटिस में यह दर्शाया गया कि घुमंतू गुर्जरों के पशु ग्रामीणों की फसलों और पेयजल स्रोतों को खराब कर रहे हैं जो सच नहीं है। उनका कहना है कि यदि उन्हें यहां से निकल गया तो वह लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित रह जाएंगे इसलिए उन्होंने DC सिरमौर से गुहार लगाते हुए कहा कि यदि उन्हें यहां से विस्थापित किया जाता है तो उन्हें ऐसी जगह पर बसाया जाए जहां उनके बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी उन्हें मिल सके।
वहीं वन अधिकार समिति के सचिव लियाकत अली ने बताया कि वर्ष 2018 में माननीय उच्च न्यायालय ने भूमिहीन और बेघर लोगों के पक्ष में फैसला दिया था कि जब तक सरकार इनके लिए कोई स्थाई व्यवस्था नहीं कर देती तब तक इन लोगों को विस्थापित न किया जाए। उन्होंने उपायुक्त से गुहार लगाते हुए कहा कि जब तक सरकार द्वारा घुमंतू गुर्जरों के लिए स्थाई समाधान नहीं किया जाता तब तक उन्हें यहां से विस्थापित न किया जाए।
