अनिल कुमार, किन्नौर: जिला किन्नौर में घूमने के लिए आने वाले सैलानियों को जल्द ही यहां पर साहसिक खेलों से जुड़ी गतिविधियां करने के लिए मिल सकती है। खास बात यह है कि किन्नौर जिला में किए जा रहे पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के ट्रायल में सफलता मिली है। पहली बार यहां यह ट्रायल सफल रहा है। मनाली के विशेषज्ञों की ओर से स्पिलो से टिडोंग परियोजना तक राफ्टिंग का ट्रायल व काशंग में पैराग्लाइडिंग का ट्रायल हुआ जो सफल रहा है। जिला प्रशासन जिले में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है जो स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान कर सकता है और जिले में पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ा सकता है।
डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि जिला के स्पीलो से टिढोंग के मध्य सतलुज नदी काफी समतल क्षेत्र में बहती है ऐसे में इस क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग का ट्रायल किया गया जो सफल हुआ है। पहली बार सतलुज नदी में रिवर राफ्टिंग के सफल ट्रायल के बाद जिला में रिवर राफ्टिंग से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं दूसरी ओर पैराग्लाइडिंग का ट्रायल पांगी के काशंग नामक स्थल पर किया गया है। वहां भी यह ट्रायल सफल हुआ है,ऐसे में पर्यटन विभाग की ओर दो साहसिक खेलों के ट्रायल को जिला के अंदर सफलता प्राप्त करवाने से जिला के पर्यटन क्षेत्र मे रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे और पर्यटन व्यवसाय में भी लोगों को फायदा होगा।
डीसी किन्नौर ने कहा कि जिला में आजतक साहसिक खेलों मे केवल बर्फबारी के दौरान स्की खेल किया जाता था। इससे पर्यटन को अवश्य बढ़ावा मिला लेकिन अब दो और नए साहसिक खेल जिसमें रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग शामिल हैं को भी जल्द पर्यटन में जोड़ने के लिए प्रशासन व सरकार प्रयास करेंगे ताकि जिला में पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा मिल सके।
