राहुल चावला, धर्मशाला:सेंट्रल यूनिवर्सिटी के निर्माण को लेकर चल रही पेचीदगियों से अब आम जनता के सब्र का बांध भी टूटने लगा हैं। जनता भी ये सवाल उठा रही हैं कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी का निर्माण धर्मशाला में ना करके देहरा में क्यों हो रहा है इसी को लेकर सोमवार को गुस्साए हुए लोगों ने धर्मशाला की सड़कों पर अपना विरोध जता रहे हैं।
कोतवाली बाजार से डीसी कार्यालय तक विशाल जुलूस निकाला गया और जिला प्रशासन के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा गया। जन चेतना संस्था सहित विभिन्न संस्थाओं व संगठनों के साथ क्षेत्र की जनता ने सीयू को लेकर आवाज बुलंद की। जनता का कहना है कि सीयू पर हो रही राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सीयू धर्मशाला के लिए स्वीकृत हुई थी, जिसका बाद में विभाजन कर 70 फीसदी हिस्सा देहरा में बनाने की बात कही गई, जबकि 30 फीसदी हिस्सा ही धर्मशाला में बनने की बात सामने आई। अब जदरांगल में जहां कार्य चल रहा था, वहां भी काम बंद कर दिया गया है और मशीनरी को हटा दिया गया हैं। धर्मशाला से इस तरह का अन्याय सहन नहीं किया जाएगा।
जन चेतना संस्था के अध्यक्ष एससी धीमान ने कहा कि संस्था लंबे समय से इस मसले को उठाती आ रही हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए धर्मशाला सबसे उपयुक्त स्थान हैं,लेकिन लंबे समय से हो रही राजनीति के चलते जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही हैं।
उन्होंने बताया की सोमवार को विशाल जुलूस निकालते हुए पीएम को पत्र भेजा गया है, जिसमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी का पूरा निर्माण धर्मशाला में करने का आग्रह किया गया हैं। यदि इस बारे 15 दिन में निर्णय नहीं लिया गया तो फिर से जनता के सहयोग से वह सड़कों पर उतरेंगे। जो संस्थान धर्मशाला को मिला था, वो उसे दिलाकर रहेंगे, धर्मशाला को उसका हक मिलना ही चाहिए।
उधर लाडली फाउंडेशन की जिला अध्यक्ष बबीता ओबराय ने जुलुस में भाग लेते हुए कहा कि हम धर्मशाला के हकों की बात कर रहे हैं। धर्मशाला के लिए सीयू स्वीकृत हुई है, निर्माण भी धर्मशाला में होना चाहिए। अभी जनता सड़कों पर उतरी है, जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन भी शुरू करेंगे और जंतर-मंतर तक सीयू की मांग को पहुंचाया जाएगा। जनता अपने हकों के प्रति जागरूक हो चुकी है और हक लेकर रहेगी।
