सोलन : योगेश शर्मा -सोलन शहर की हर गली और सड़क पर आज कूड़े का सम्राज्य है। घर घर से कूड़ा उठाया जा रहा है, जिसका भुगतान भी शहर वासी नगर निगम को कर रहे है लेकिन उसके बावजूद भी वार्डों में गंदगी का आलम है। नगर निगम सोलन स्वछता में अवार्ड लेकर अपनी पीठ कई बार थपथपा चुकी है लेकिन वास्तविकता शहरवासी बखूबी जानते है। पहले गंदगी केवल कूड़े दान में दिखाई देती थी, लेकिन आज आलम यह है कि हर घर और चौराहे के आगे गंदगी के ढेर लगे है।
शहरवासियों का कहना है कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन हो चुकी है, लेकिन शायद नगर निगम सोलन अभी भी कुम्भकर्णी नींद सो रहा है। उन्होंने कहा कि घर घर से कूड़ा उठाया जा रहा है, जिसकों उठाने के लिए वह नगर निगम को पैसे भी दे रहे है, लेकिन उसके बावजूद भी उनकी गलियों और सड़कों पर कूड़े की स्थिति जस की तस बनी हुई है। जो यह बात साबित करता है कि घरों से या तो कूड़ा उठाया नहीं जा रहा है या कूड़ा उठा कर सफाई कर्मी सड़कों पर ढेर लगा रहे है,उन्होंने कहा कि नगर निगम के पदाधिकारी इस और ध्यान नहीं दे रहे है और लड़ाई झगड़े में व्यस्त है। वह चाहते है कि सोलन शहर में इंदौर की तरह सफाई व्यस्था हो लेकिन यहाँ तो सफाई की बजाए गंदगी देखी जा रही है।
