नाहन : देवेंद्र कुमार – सावन मास के चलते ऐतिहासिक शिव मंदिर रानीताल में 15 जुलाई को मनाई जा रही कावड़ शिवरात्रि के लिए तैयारियां चल रही है। इसी कड़ी में प्रतिदिन लोग यहां भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। रियासत काल में बना ये शिव मंदिर विशेष महत्व रखता है। जहां सावन मास में जलाभिषेक करने से लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
इस बार 59 दिनों का होगा सावन मास
मंदिर के पुजारी पंडित काकू राम ने बताया कि इस बार सावन मास का विशेष महत्व है। विशेष योग के तहत इस बार सावन मास में 59 दिन और 8 सोमवार आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बहुत ही शुभ संकेत है,इस माह में श्री हरि विष्णु और भगवान शंकर का मिलन हो रहा है, इसलिए इस मास को हरिहर माह के नाम से भी जाना जाता है। इस माह जो लोग भगवान शिव का जलाभिषेक या शिव महापुराण का पाठ करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। पंडित काकू राम ने बताया कि शिव मंदिर रानीताल में 15 जुलाई को कावड़ शिवरात्रि मनाई जा रही है,जिसमें हरिद्वार से गंगाजल लेकर श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाएगा। उनका कहना है कि वर्ष में दो बड़ी शिवरात्रि आती है। पहली फाल्गुन मास में जबकि दूसरी शिवरात्रि सावन मास में कांवड़ शिवरात्रि के नाम से मनाई जाती है।
