हमीरपुर,18 जनवरी:पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू ने सरकार पर तीखा हमला बोला.उन्होंने कहा की राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में “हिमकेयर योजना” में पंजीकृत एक गरीब कैंसर मरीज को समय पर जीवन रक्षक इंजेक्शन नहीं मिला,जिससे उसकी मौ.त हो गई।इसकी शिकायत मरीज की बेटी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और सोशल मीडिया पर की,लेकिन मुख्यमंत्री तक यह दर्द नहीं पहुंच पाया।
राजेंद्र राणा ने कहा कि यह घटना सरकार की विफलता और व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर फैलाई गई अराजकता को उजागर करती है।उन्होंने कहा कि “यह कैसी सरकार है,जहां जीवन रक्षक दवाइयों की कमी के कारण लोग दम तोड़ रहे हैं और मुख्यमंत्री का ध्यान केवल अपने मित्रों और उनके परिवारों को फायदा पहुंचाने पर है।”
पूर्व विधायक ने सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश तक नहीं दिए। जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड करना तो दूर, सरकार ने इस विषय पर कोई नैतिक साहस नहीं दिखाया।
योजनाओं को बंद कर गरीबों को किया बर्बाद
राजेंद्र राणा ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें सुक्खू सरकार ने बंद कर दिया।इससे गरीब परिवारों के लिए इलाज और भी कठिन हो गया है।प्रदेश को आर्थिक बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया गया है।यह सरकार केवल दिखावे के लिए बड़ी-बड़ी बातें करती है,लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गरीब व्यक्ति आपके व्यवस्था परिवर्तन के आगे बेबस खड़ा है।
जनता को जवाब दे सरकार
राजेंद्र राणा ने सरकार से मांग की है कि इस घटना की तुरंत जांच की जाए,दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, और गरीबों को जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि यह सरकार अपनी संवेदनहीनता और झूठे वादों के लिए जानी जाएगी।जनता अब इस सरकार से सवाल पूछ रही है और इसका जवाब उसे देना होगा।
संवेदनहीनता का प्रतीक बन चुकी है सुक्खू सरकार
राजेंद्र राणा ने कहा कि सुक्खू सरकार जितनी संवेदनहीन है, ऐसी सरकार हिमाचल प्रदेश ने पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि जनता ने इस सरकार को चुना था, लेकिन अब यह सरकार गरीब जनता को नजरअंदाज कर रही है। हिमाचल की जनता इस संवेदनहीन सरकार से जल्द छुटकारा पाने को बेचैन नजर आ रही है।
