धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सोशल साइंस रिसर्च मेथडोलॉजी कोर्स के आठवें दिन शोधार्थियों ने जो कुछ सीखा उसकी रिपोर्ट समिति के सामने प्रस्तुत की। देशभर से धर्मशाला पहुंचे शोधार्थियों ने अपने शोध विषय और वर्कशॉप में सीखे टिप्स को बारी बारी समिति के सामने प्रस्तुत किया। शोधार्थियों ने यह भी बताया कि उनकी समस्याओं का इस कार्यशाला के माध्यम से कैसे समाधान हुआ।
केरल से धर्मशाला पहुंचे आवेटिस ने बताया कि नेशनल वर्कशाप में एसपीएसएस की बारीकियों को समझा जो मेरे शोध में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि देश से आए शोधार्थियों से भी बहुत कुछ सीखने को मिला।
हरियाणा से विधि विभाग से पहुंची सुश्री सीमा मोदी ने बताया कि धर्मशाला में आयोजित हुई इस वर्कशॉप में उनका अनुभव बहुत अनोखा रहा और पहली बार बहुत सारे विषयों का ज्ञान हुआ । पंजाब के एलपीयू विश्वविद्यालय कि शोधार्थी अंशु शर्मा ने बताया कि इस वर्कशॉप में उन्होंने शोध पत्र लिखने, उन्हें पब्लिश करने संबंधी विषयों का ज्ञान प्राप्त किया।
केंद्रीय विश्वविद्यालय महाराष्ट्र वर्धा के शोधार्थी प्रवेश कुमार ने बताया कि एसपीएसएस के माध्यम से बहुत सारी नई चीजें सीखने को मिली जो शोध कार्य में सहायक सिद्ध होगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय कि शोधार्थी प्रीति कुमारी का कहना है कि इस वर्कशॉप में उन्होंने शोध पत्र लिखने और उन्हें जनरल में पब्लिश करने के बीच आने वाली कठिनाइयों का ज्ञान प्राप्त किया। जिसको लेकर वह पहले से बहुत अधिक अवेयर नहीं थी।
इस मौके पर कोर्स डायरेक्टर डॉ. शशि पूनम ने बताया कि भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) प्रायोजित इस दस दिवसीय कोर्स का उद्देश्य शोध की प्रक्रिया और शोध संबंधित विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूक करना है। शोधार्थियों को इस दौरान इन्द्रू नाग, पैराग्लाइडिंग, अघ्नजर महादेव, टी गार्डन और ऐतिहासिक कांगड़ा किले का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया। इस दौरान किया और फील्ड से डाटा इकट्ठा कर 5-5 के समूह में रिपोर्ट भी सबमिट की। इस दौरान शोधार्थियों को स्वच्छता शपथ भी दिलाई गई और स्वच्छता को लेकर जागरूक भी किया गया।
