संजु चौधरी, शिमला: दिल्ली में प्रदर्शन कर रही महिला कुश्ती खिलाड़ियों के समर्थन में अब पूर्व IAS अधिकारी दीपक सानन भी उत्तर आ गए हैं। शुक्रवार को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक सानन ने महिला कुश्ती खिलाड़ियों के समर्थन में शिमला में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन प्रदर्शन किया। दीपक सानन ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर कार्रवाई न करना राजनीतिक मंशा करार दिया हैं। धरने में पूर्व उप महापौर टिकेंद्र पंवर सहित सेवानिवृत्त कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने मौन प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के प्रति रोष प्रकट किया।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक सानन ने कहा कि इतनी घिनौनी हरकत के बावजूद महिला पहलवानों की शिकायत पर कोई गौर नहीं किया जाना बहुत ही शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा की महिला की शिकायत पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी। बीस दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई न होना बहुत ही शर्मनाक बात हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक घटना करार देते हुए कहा कि इस मुद्दे को उठाया नहीं जा रहा हैं न ही कोई इस पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं इसलिए आज वह सड़को पर उतरे हैं और महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष महिला पहलवानों के समर्थन में एकत्रित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आज इस माध्यम से वह केंद्र सरकार के प्रति रोष जता रहें है कि आज तक इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले को संजीदगी से लेना चाहिए और तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। इस प्रकार की घटना से भारत का नाम राष्ट्र स्तर पर खराब हो रहा हैं।
वहीं पूर्व पार्षद माला सिंह ने कहा कि यह वही सरकार है जो एक ओर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं का आह्वान करती है और देश की बेटी की ओर से आवाज़ उठाए जाने बावजूद कोई कार्रवाई न करना यह दर्शाता है कि बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।उन्होंने कहा कि अगर अंतराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी को अगर न्याय नहीं मिल रहा हैं तो बाकी लड़कियां कैसे सुरक्षित रहेंगी और कहां न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर इस देश की बेटी के समर्थन में आवाज़ उठानी चाहिए जिससे उसे न्याय मिल सके।
