अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): जिला हमीरपुर में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत के चलते लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। हमीरपुर शहर के अलावा ज़िला के ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की किल्लत चल रही है जिसके कारण गैस उपभोक्ताओं को सिलेंडर की आपूर्ति के लिए 15 से 20 दिन का इंतजार करना पड़ रहा हैं । गैस एजेंसी संचालक प्लांट से गैस की आपूर्ति कम होने का तर्क दे रहे हैं। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग हमीरपुर ने भी माना कि लोगों की ओर से गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर शिकायतें आ रही है और इस को लेकर निदेशालय को भी सूचित किया गया हैं।
वर्तमान में हमीरपुर जिले में घरेलू गैस सिलेंडर 1175 रुपये से कम होकर 975 रुपये में मिल रहा है और गैस की कीमतों में कटौती का लाभ लेने के लिए लोगों ने अपने दोनों सिलेंडर भरने में भी होड़ दिखाई है, जिसके चलते भी जिला में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। इसके अलावा गैस आपूर्ति घटने का एक कारण जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी से पूर्व गैस आपूर्ति करना भी माना जा रहा हैं।
अक्तूबर माह से प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो जाएगी। सड़कें बंद होने से इन क्षेत्रों का संपर्क प्रदेश के अन्य हिस्सों से कट जाता हैं। इसके चलते इन क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है, लेकिन वजह कुछ भी हो, इसका सीधा असर हमीरपुर में देखने को मिल रहा हैं।
ग्रामीण हरिराम ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से ग्रामीण क्षेत्रों में गैस आपूर्ति सही ढंग से नहीं हो रही है जिसके चलते उनकी दुकान में रिफिल करने के लिए लोगों के सिलेंडरों की संख्या अधिक हो गई हैं।
हमीरपुर गैस एजेंसी के संचालक हरीश नंदा ने बताया कि पिछले 10-15 दिनों से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में कमी चल रही हैं। उन्होंने बताया कि प्लांट में प्रॉब्लम के चलते आपूर्ति में कमी हुई है और तीन-चार दिनों के अंदर व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाएगा ।
ज़िला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अरविंद शर्मा ने बताया कि कई जगह से गैस की किल्लत की सूचनाएं मिली हैं। सभी गैस एजेंसी संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार गैस सिलेंडर की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार मे उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया हैं । साथ ही आईओसी कंपनी के मैहतपुर प्लांट से भी पत्राचार कर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया हैं ।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा गैस आपूर्ति घटने का एक कारण जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी से पूर्व गैस आपूर्ति करना भी माना जा रहा हैं अक्तूबर माह से प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो जाएगी। सड़कें बंद होने से इन क्षेत्रों का संपर्क प्रदेश के अन्य हिस्सों से कट जाता हैं। इसके चलते इन क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है जिसके चलते भी गैस सिलेंडर की कमी देखी जा रही हैं।
गौरतलब है कि जिले में वर्तमान में नौ गैस एजेंसियां सिलेंडर की आपूर्ति कर रही हैं। जिले में महीने की गैस सिलेंडर खपत करीब 60 हज़ार है, लेकिन वर्तमान समय में आपूर्ति कम हो रही हैं।
