अनिल नेगी, किन्नौर : ज़िला किन्नौर में तीन दिन से निचले इलाकों में बारिश व ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर शुरू हैं। ऐसे में ज़िला में एक बार फिर से ठंड बढ़ गई हैं और लगातार तीन दिन बारिश के चलते ज़िला के निचले क्षेत्रों में भी बर्फ के हल्के फाहे गिरे हैं तो ऊपरी ग्रामीण इलाकों में बर्फ की मोटी चादर ज़मीन पर बिछ गई हैं, जिससे सेब के बागवानों को बगीचों में सिंचाई से निजात मिली हैं। वहीं बर्फबारी के चलते ज़िला के छितकुल, रकछम, आसरंग, लिप्पा, कुनो, चारंग में जनजीवन अस्त व्यस्त भी हुआ हैं। इन ग्रामीण इलाकों में 3 से 4 इंच बर्फबारी हुई हैं।
बर्फबारी के बाद किन्नौर ज़िला के कल्पा क्षेत्र के ख्वाँगी, कोठी, तेलंगी में तापमान शून्य के नीचे चला गया हैं। ताज़ा बर्फबारी से जहां ठंड बढ़ी हैं वहीं बागवानों को सेब के बगीचों मे सिंचाई से निजात मिली हैं, हालही में बढ़ती गर्मी के चलते बागवानों को उनके सेब के बगीचों में समय से पूर्व सेब की फ्लावरिंग की चिंता सता रही थी,लेकिन इस बर्फबारी के बाद अब सेब के बगीचों में अपने समयानुसार फ्लावरिंग का कार्य चलेगा और सेब का सीजन भी अपने समयानुसार ही आएगा। इस बर्फबारी को बागवान अमृत के रूप में भी देख रहे हैं।
किन्नौर ज़िला के ऊंचाई वाले सेब बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद फिलहाल छितकुल, रकछम, आसरंग, लिप्पा, कुनो चारंग,सड़क संपर्क मार्ग अवरुद्ध हैं जबकि अन्य सड़क संपर्क मार्ग बहाल हैं और बर्फबारी से किसी भी प्रकार के अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली हैं। ज़िला के ऊंचे ग्रामीण इलाकों में भी बर्फबारी के बाद प्रशासन ने भी लोगों को ऊंचे इलाकों में न जाने की सलाह दी है ताकि बर्फबारी के दौरान होने वाले आपदाओं से लोगों को बचाया जा सके।
वहीं शनिवार को मौसम अनुकूल होते ही ज़िला के बर्फबारी वाले ग्रामीण इलाकों के सड़क मार्गों की बहाली में प्रशासन जुट गया हैं। मौसम के अनुकूल होते ही पहाड़ो पर बर्फ भी पिघल रही हैं। ऐसे में अब पहाड़ो में ग्लेशियर व नदी नालों का जलस्तर भी बढ़ने का खतरा बना हुआ हैं जिसके मद्देनजर प्रशासन की ओर से डीसी ने पर्यटकों व ज़िला के लोगों को एडवाइजरी जारी कर नदी नालों पहाड़ों की ओर जाने से मना किया हैं।
