मंजूर पठान,चंबा: तभी सरकार की ओर से भरे ही प्रदेशों में छात्रों को बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध करवाने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन हालात इसके विपरीत ही हैं। प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी चल रही है जिसके चलते इन क्षेत्रों में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों का भविष्य भी दांव पर लगा हुआ हैं। बच्चे स्कूल तो जा रहे हैं लेकिन वहां उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं। ऐसे नहीं बच्चों के भविष्य से कहीं ना कहीं खिलवाड़ हो रहा हैं।
यह हालात चंबा जिला के तहत आने वाले खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कलहेल के हैं। यहां 80 प्राथमिक स्कूलों में स्टाफ की कमी से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही हैं। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कलहेल के तहत 35 जेबीटी अध्यापकों के पद पिछले काफी समय से खाली चल रहे हैं। इसके अलावा 8 सीएचटी के पद भी खाली हैं। वहीं 35 स्कूल मात्र एक एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। इन स्कूलों में अध्यापक को पढ़ाई के साथ साथ अन्य कार्य करने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं।
इसके बारे में कई बार सरकार को अवगत करवाया गया हैं । यहां तक की स्टाफ़ और शिक्षकों की तैनाती करने की मांग भी सरकार से उठाई गई हैं, बावजूद इसके भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं और ना ही यहां शिक्षकों की नियुक्तियां हो रही हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी योग राज ने सरकार से मांग करते हुए कहा है की हमारे खंड के तहत 80 स्कूल आते हैं। इनमें से 35 स्कूलों में जेबीटी के 35 पद खाली हैं। इसके अलावा 8 सी एच टी के पद भी रिक्त पड़े हैं। सरकार इन्हे जल्द भरने का प्रयास करें ताकि बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर ना पड़ सके ।
वहीं शिक्षा खंड अधिकारी कलहेल योग राज ने जानकारी देते हुए कहा की हमारे शिक्षा खंड के तहत 80 प्राथमिक स्कूल आते है ,जिनमें 35 स्कूल एक एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं, जबकि 35 जेबीटी के पद खाली है और उससे दिक्कतें हो रही हैं। स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती ना होने की वजह से यहां छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा आठ पद सी एच टी के खाली है कुल मिलाकर 43 पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में हमारी सरकार से यही मांग है की जल्द इन पदों को भरा जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर ना हो सके ।
