संजीव महाजन,नूरपुर: नूरपुर में बेसहारा पशुओं की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही हैं। लोगों की ओर से अपने पशुओं को सड़कों पर बेसहारा छोड़ा गया है जिसके चलते सड़क हादसों में भी बढ़ोतरी हो रही हैं। इस मामले पर गंभीरता से विचार कर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने इन बेसहारा पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ पर पंचायत स्तर पर कार्रवाई का प्रावधान करने की बात कही हैं।
सुदर्शन शर्मा ने कहा की अधिकतर पशु पालक जो है वह इस समस्या के लिए क़सूरवार है, क्यूंकि अक्सर दूध देने वाली गायों का तब तक ही गाय को अपने पास रखते है जब तक वह दूध देने में सक्षम हैं। उसके बाद उन्हें बेसहारा सड़क पर छोड़ दिया जाता हैं। अब तो यह भी देखने को मिल रहा है कि पशु मालिकों ने मवेशियों को जो सरकार की ओर से चिन्हित करने हेतु टैग लगा कर पहचान बनाई है उसको उखाड़ कर पशुओं को बेसहारा छोड़ने का तरीक़ा अख़्तियार कर लिया हैं जो कि इस समस्या को और पुख़्ता कर रहा हैं।
उन्होंने अनुरोध किया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर समितिया गठित कर ऐसे लोगों को पंचायत स्तर पर दंडित करने का प्रावधान किया जाए,ताकि आवारा पशुओं से निजात मिल सके। प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने ज़ोर देते हुए बताया कि इस समस्या का समाधान लोगों के सहयोग के बिना नहीं हो सकता। हम सभी को चाहिए कि पशुधन सेवा की भावना से सरकार का सहयोग करने के लिए आगे आए।
बढ़ता जा रहा बंदरों का आतंक
नूरपुर में एक और जहां बेसहारा पशु चलो परेशान है तो वहीं यहां बंदरों का आतंक भी बढ़ चुका हैं। अक्सर बंदरों के झुंड स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को परेशान कर रहे हैं जिसके चलते हर समय हादसे का डर यहां बना रहता हैं। बुजुर्गों और बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया हैं। उन्होंने आग्रह किया हैं कि बंदरो की तादाद को कम करने हेतु प्रजनन क्रिया संबंधी तकनीक का समाधान किया जाना अति आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि वर्त्तमान सरकार बेसहारा पशुओं की धरपकड़ के लिए प्रयासरत है अति शीघ्र समाधान कर दिया जाएगा।
