अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हमीरपुर स्थित कर्मचारी चयन आयोग में परीक्षाओं के पेपर सरेआम बिक़ते थे। सरकार की आंखों के सामने यह खेल चलता रहा लेकिन कभी इस पर कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही फरवरी महीने में इस सारे घोटाले को लेकर जाल बुनकर पेपर बचने के इस घोटाले को पड़कर इसका पर्दाफाश किया। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को हमीरपुर के अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान गांधी चौक पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे क्या कारण थे की मेरिट में आने वाले परीक्षार्थी इस परीक्षा को पास नहीं कर पाते थे और जिन लोगों को ना पढ़ना आता था ना लिखना वह लोग सरकारी नोकरियों ने सिकेल्ट हो जाते थे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी आयोग में हो रहे इस घोटाले के चलते ही इसे भंग करने का सरकार ने फैसला लिया। इतना ही नहीं पूर्व सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती में भी घो+टाला हुआ। प्रदेश में हाल ही में जो क्रिप्टोकरंसी का 2500 करोड रुपए का घो+टाला हुआ हैं वो भी पूर्व सरकार के समय से ही चला आया।
उन्होंने कहा कि माइनिंग का अकेला 100 करोड़ का घोटाला पकड़ा गया हैं जिसके चलते प्रदेश के दर्जनों स्टोन क्रेशरों को बंद करना पड़ा। जो नियमों का पालन कर रहे हैं सिर्फ उन्हें ही चलने की अब अनुमति दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने हैरानी जताते हुए कहा कि बेरोजगारों के लिए पूर्व सरकार ने कुछ नहीं किया। उल्टा कई तरह के घो+टाले से उनका नुकसान किया हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार को बने हुए 1 साल हुआ है और इस 1 साल में सरकार को 1100 रुपए के राजस्व की आमद हुई है जो कि प्रदेश के विकास पर खर्च की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने गृह जिला हमीरपुर के एक दिवसीय दौरे के दौरान रविवार को प्रदेश सरकार की ओर से घोषित विशेष राहत पैकेज के तहत करोड़ों की राहत राशि वितरित की। इस राहत वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के लाभार्थी बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री का आयोजन स्थल गांधी चौक पहुंचने पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, विधायक आशीष शर्मा, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, विधायक सुरेश कुमार, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप पठानिया सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लोक संपर्क विभाग की ओर से आपदा से संबंधित चलचित्र को भी प्रसारित किया गया ।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने हमीरपुर जिला के लिए विभिन्न घोषणाएं की और कहा कि हमीरपुर में पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर का ऑफिस खुलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15000 नई भर्तियों के अलावा मुख्यमंत्री ने हमीरपुर ने 40 करोड़ से बनने वाले नए किबस स्टैंड के निर्माण के लिए दो करोड़ की पहली किस्त देने की घोषणा की। वहीं उन्होंने हमीरपुर शहर में 20 करोड़ से विद्युत तारे अंडरग्राउंड करने के बजट देने की घोषणा की साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को मुफ्त बिजली पानी का कनेक्शन और 280 में सीमेंट की बोरी देने की बात भी कही।
केंद्र से आपदा में नहीं मिली एक पैसे की मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आई आपदा को लेकर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले और उनसे मदद की गुहार लगाई लेकिन आज तक केंद्र सरकार ने एक पैसे की मदद हिमाचल को नहीं की। हिमाचल का जो 9700 करोड रुपए का अधिकार बनता है उसे लेकर भी सरकार ने 4500 करोड रुपए का हक मांगा है लेकिन वह पैसा भी अभी तक नहीं मिला हैं।
भाजपा सांसदों ने नहीं मांगी प्रदेश के लिए मदद
मुख्यमंत्री ने यहां भाजपा सांसदों की मंशा पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीन भाजपा सांसद केंद्र में है लेकिन एक ने भी प्रधानमंत्री के पास खड़े होकर प्रदेश के लिए आर्थिक मदद नहीं मांगी। अगर कहीं मांगी है तो वह इसका फोटो या कॉपी प्रदेश की जनता को दिखाएं। आपदा में प्रदेश भर में 4000 खारक्षिणीकृत हुए हैं केंद्र से जो आर्थिक मदद का मैन्युल था वह काफी कम था। कांग्रेस सरकार ने इस मैन्युल में बदलाव करके पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 7 लख रुपए देने का प्रावधान किया।
