हमीरपुर, अरविंद-: सुजानपुर उपमंडल के खैरी क्षेत्र में स्थित सरकारी काऊ सेंचुरी की देखभाल और संचालन की जिम्मेदारी अब देवभूमि गौरक्षा फाउंडेशन अंब को सौंपी गई है। इस संबंध में पशुपालन विभाग और देवभूमि गौरक्षा फाउंडेशन के बीच एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत फाउंडेशन अगले तीन वर्षों तक काऊ सेंचुरी में रखी गई गायों की देखभाल और आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन करेगी।लगभग 153 कनाल भूमि पर स्थापित इस सरकारी काऊ सेंचुरी में वर्तमान में करीब 200 गायें रखी गई हैं। इससे पहले सेंचुरी की व्यवस्थाओं की देखरेख उपमंडल अधिकारी सुजानपुर की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा की जा रही थी। अब प्रशासन ने इसके नियमित संचालन की जिम्मेदारी अनुभवी गोशाला संचालक संस्था को सौंपने का निर्णय लिया है।
जिला प्रशासन की ओर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के माध्यम से गोशाला संचालक समितियों से काऊ सेंचुरी के संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके बाद कई समितियों ने सेंचुरी के संचालन में रुचि दिखाई। पशुपालन विभाग ने आवेदन करने वाली संस्थाओं के दस्तावेजों, अनुभव और अन्य आवश्यक मानकों की जांच पूरी कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी। प्रशासनिक स्तर पर विचार-विमर्श के बाद देवभूमि गौरक्षा फाउंडेशन अंब के चयन को मंजूरी दी गई और इसके बाद एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।पशुपालन विभाग के उपनिदेशक सुजय शर्मा ने बताया कि एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट प्रक्रिया के तहत देवभूमि गौरक्षा फाउंडेशन अंब के साथ एमओयू साइन किया गया है। एक-दो दिन में काऊ सेंचुरी फाउंडेशन को हैंडओवर कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की ओर से सेंचुरी का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। हर माह अधिकारियों द्वारा वहां उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई, रखरखाव और गायों के स्वास्थ्य से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।
देवभूमि गौरक्षा फाउंडेशन अंब के निदेशक संजीत चौहान ने बताया कि उनकी संस्था पिछले सात वर्षों से गोसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और पिछले चार वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में गौसदनों के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही है। वर्तमान में फाउंडेशन गोपालपुर काऊ सेंचुरी सहित दो गौसदनों का संचालन कर रही है।उन्होंने कहा कि खैरी काऊ सेंचुरी की जिम्मेदारी मिलने पर गायों को पौष्टिक आहार और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ क्षेत्र में घायल और बीमार गायों के उपचार एवं देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

