राहुल चावला , धर्मशाला: हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी धर्मशाला के गुरुद्वारा साहिब में बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी के साथ गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए आने वाली संगत के लिए लंगर का प्रवधान भी किया जाएगा। इस बैसाखी पर्व को मनाने के लिए अभी से तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। धर्मशाला गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथि परमजीत सिंह ने बताया कि इस बार भी गुरुद्वारा साहिब धर्मशाला में बैसाखी का पर्व हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाएगा।
परमजीत सिंह ने बताया कि दसवें बादशाह गुरु गोविंद सिंह जी ने वर्ष 1699 में पंजाब के आनंदपुर साहिब में पांच प्यारों की अगुवाई में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि इसमें गुरु साहिब की ओर से कोई जात पात नहीं की गई और सभी पांच प्यारों को एक सम्मान रखा। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल को धर्मशाला के गुरुद्वार साहिब में अखंड पाठ शुरू किया जाएगा और उसके बाद कल यानी 13 अप्रैल को पाठ के भोग के बाद कीर्तन किया जाएगा व उसके बाद गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए आने वाली संगत के लिए लंगर भी लगाया जाएगा।
इसी के साथ बैसाखी पर्व पर किसानों की ओर से अपनी पकी हुई फसल की भी कटाई की जाती हैं इसलिए किसानों की ओर से भी बैसाखी के पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। वहीं बात अगर जिला कांगड़ा की कि जाए तो जिला कांगड़ा के भी कई स्थानों पर किसानों की ओर से अपनी पकी हुई फसल को काट लिया जाता है और किसान भी इस बैसाखी पर्व को धूमधाम के साथ मनाते है।
