राकेश, ऊना(TSN): ऊना जिला के रायपुर सहोडां गांव में स्थापित आईओसी वोटलिंग प्लांट व दी न्यू हिमाचल हैवी मीडियम एंड लाईटगुड्स ट्रक कोऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी मैहतपुर के बीच गैस ढुलाई को लेकर पिछले कई माह से चला आ रहा विवाद खत्म हो गया हैं। आईओसी की ओर से गैस ढुलाई का मंजूरी पत्र मिलने के दी कोऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी मैहतपुर की गाड़ियों ने आज से गैस ढुलाई का कार्य शुरू कर दिया हैं। कार्य शुरू करने से पहले सभी ट्रक ऑपरेटरों की ओर से ट्रक यूनियन मेहतपुर से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन प्लांट रायपुर तक एक विशाल विजय प्रदर्शन निकाला गया और सभी को लड्डू बांटे गए।
इसके बाद ट्रक यूनियन के तमाम पदाधिकारी व अन्य ट्रांसपोर्टर आइओसीएल प्लाट पहुंचे और उन्होंने अपनी गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर गेट के अंदर दाखिल किया। गाड़ियों को गेट के अंदर दाखिल होते ही ट्रक ऑपरेटर काफी खुश दिखाई दिए क्योंकि पिछले करीब कई माह से यह सभी ट्रक ऑपरेटर बेरोजगार हो गए थे इनको रोजी-रोटी के लाले पड़ गए थे लेकिन अब फिर से उन्हें काम मिलने से रोजी-रोटी पर पड़ा संकट खत्म हुआ हैं।
बता दे की सोसायटी की 130 गाडियों के मालिक, ऑपरेटर व इस उद्योग से जुडे अन्य लोगों को काफी राहत मिली हैं। आईओसी व सोसायटी के बीच विवाद सुलझ जाने से ऑपरेटरों में खुशी की लहर दौड गई है, वहीं नए रक्त का संचार हुआ हैं। आईओसी व सोसायटी की तरफ से लिए निर्णय के अनुसार पहले की तरह सोसायटी की 130 गाडियां गैस ढुलाई का कार्य करेंगी।
मीडिया से बात करतें हुए ट्रक यूनियन के प्रधान अविनेश मेनन ने जानकारी देते हुए बताया की पहले कम रेट पर टेंडर किया गया था जिसमें हमारी यूनियन ने काम नहीं लिया था जिस ट्रांसपोर्टर ने यह काम लिया था वह पूरी गाड़ियां उपलब्ध नहीं करवा सका जिस कारण कंपनी ने फिर से नया टेंडर जारी किया। अब टेंडर हमारी यूनियन को मिला है इसके लिए वह प्रदेश सरकार व खासतौर से बीजेपी विधायक सतपाल सत्ती व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार प्रकट करतें है जिन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी से मुलाकात करवाकर इस मामले को हल करवाया और उनकी बदलौत उन्हें फिर से यह काम मिल सका हैं।
बता दें कि वर्ष 2004 में रायपुर सहोडां में आईओसी रिफाईनरी स्थापित की गई और प्लांट से दी न्यू हिमाचल हैवी मीडियम एंड लाईट गुडस ट्रक कोऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी मैहतपुर को गैस ढुलाई का टेंडर दे दिया गया, जिस पर सोसायटी की 130 गाडियों को 58 रूपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भाड़ा तय किया गया। इस वर्ष 30 अप्रैल को पुराने टेंडर की मियाद समाप्त हो रही थी, जिस पर आईओसी ने गैस ढुलाई के लिए 38 रूपये प्रति किलो मीटर किलोमीटर का रेट तय किया, जिसे सोसायटी ने कम रेट में गैस ढुलाई करने से मना कर दिया और नई टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लिया और आईओसी ने नई पार्टी को टेंडर जारी कर दिया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
नई पार्टी की ओर से हाईकोर्ट में पटीशन डाली गई, जिस पर अदालत ने सोसायटी को 30 अप्रैल तक अपनी सभी 130 गाडियों को प्लांट से बाहर निकालने के आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेशों पर सोसायटी ने अपनी सभी गाडियां प्लांट से बाहर निकाल लीं। गैस ढुलाई का नया टेंडर न मिलने से सोसायटी के 130 गाडियों के मालिक व ऑपरेटर बेरोजगार हो गए थे। गैस ढुलाई का कार्य बंद होने के कारण ऑपरेटरों को अपने अपने परिवारों के लिए रोटी की चिंता सता रही थी। गैस ढुलाई का कार्य न मिलने के कारण 130 ट्रक ऑपरेटरों को जहां लाखों का घाटा हुआ है, वहीं स्थानीय पेट्रोल पंप मालिकों सहित इस धंधे से जुडे अन्य लोगों को भी लाखों का नुकसान सहना पड़ता लेकिन अब फिर से इन 130 ट्रक ऑपरेटरों को काम मिल गया है और वह काफी खुश हैं।
