संजीव महाजन,नूरपुर: सरकार भले ही प्रदेश में विकास के दावे कर रही हो लेकिन सरकार के इन दावों की पोल खोलती हुई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। यह तस्वीर हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के मंत्री चंद्र कुमार के गृह विधानसभा क्षेत्र ज्वाली की लुधियाड पंचायत का हैं। पंचायत लुधियाड के लुधियाड, सरोला, उपरली लुधियाड व लुधियाड के गांववासी आजादी के 75 साल बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। आज भी यहां के बाशिंदों को मरीजों को कंधे पर उठाकर या चारपाई में लेटाकर तकरीबन दो किलोमीटर दूर पक्की सड़क तक लाना पड़ता है तब जाकर एंबुलेंस की सुविधा यहां मरीजों को नसीब हो पाती हैं।
सोशल मीडिया पर इस क्षेत्र का एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा हैं जिसमें एक बीमार महिला को चारपाई पर लेटाकर अस्पताल ले जाया जा रहा हैं। सोमवार को दोपहर करीब एक बजे 65 वर्षीय राम प्यारी अचानक बीमार हो गई जिसे चारपाई पर उठाकर करीब दो किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया तब जाकर एंबुलेंस सुविधा नसीब हुई।
इस गांव को सड़क से जोड़ने के लिए सरोला-लुधियाड़ गांव से होकर कच्ची सड़क जाती है जिसको सालों बीत जाने के बाद भी पक्का नहीं किया गया हैं लुधियाड़ गांव में 90 घरों के करीब 700 लोगों की समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीण मायूस हैं ओर सरकारों व राजनेताओं के खिलाफ रोष में हैं।
लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर पुल का निर्माण सीपीएस नीरज भारती ने करवाया था जबकि सड़क का शिलान्यास भाजपा के विधायक अर्जुन सिंह ने किया था। लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि कई बार सरकार से भी सड़क को पक्का करवाने की गुहार लगाई है लेकिन सड़क पक्की नहीं होने से ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में उसी को वोट देंगे जो सड़क को पक्का करवाएगा अन्यथा चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
वहीं इस मामले को लेकर अधिशाषी अभियंता रवि भूषण ने बताया कि यहां वन विभाग की जमीन पड़ती है जिस कारण सड़क नहीं बन पा रही हैं।
