सोलन : योगेश शर्मा- हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार लगातार व्यवस्था में बदलाव करने के लिए कार्य कर रही है । हिमाचल प्रदेश में सरकार कांग्रेस की है और नगर निगम सोलन पर भी कांग्रेस का कब्जा है, लेकिन नगर निगम सोलन में पानी की देनदारी को लेकर जल शक्ति विभाग और नगर निगम सोलन में ठनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक जलशक्ति विभाग ने नगर निगम से पानी का कुल 94 करोड़ रुपए का बिल लेना है, लेकिन अब इसको लेकर नगर निगम ने जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से आग्रह किया है कि इसे माफ किया जाए । पिछले कल इसको लेकर नगर निगम के डिप्टी मेयर राजीव कौड़ा ने जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा है और मांग की है कि जल शक्ति विभाग की जो 94 करोड़ रुपए की देनदारी है उसे एक मुश्त माफ किया जाए।
डिप्टी मेयर ने जलशक्ति मंत्री को सौंपा ज्ञापन
डिप्टी मेयर राजीव कौड़ा कहा कि जल शक्ति विभाग द्वारा व्यवसायिक दर से निगम को पानी उपलब्ध करवाया जाता है । दशकों से आईपीएच विभाग द्वारा पानी की सप्लाई निगम को की जा रही है,जिस कारण आज देनदारी 94 करोड तक पहुंच चुकी है । हर साल करीब 7-8 करोड का कर्ज नगर निगम सोलन पर चढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि जलशक्ति विभाग अपने कनेक्शन को शहर में लोगों को ₹13.85 की दर से पानी मुहैया करवा रहा है ।वही निगम को यही पानी ₹27.70 पैसे के हिसाब से मिल रहा है। उन्होंने कहा है कि निगम थोक का व्यापारी है ऐसे में जल शक्ति विभाग को सस्ती दरों पर पानी निगम को दिया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि इसी के साथ 40 कर्मचारी निगम के पास प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से है, जिनकी सैलरी और मशीनों की मेंटेनेंस का खर्चा भी निगम को देखना पड़ता है । ऐसे में जलशक्ति मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस बात पर गौर किया जाएगा। डिप्टी मेंयर राजीव कौड़ा ने बताया कि इसी के साथ एक और प्रपोजल जलशक्ति मंत्री के समक्ष रखी गई है कि या तो एक ही दर से पानी मुहैया करवाया जाए।
