संजीव महाजन,नूरपुर: प्रदेश में इस बार मानसून में लगातार हो रही बारिश से आई आपदा से जहां सरकार को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है तो वहीं किसान और बागवानों के लिए भी यह बारिश आफत बन गई हैं। लगातार हो रही इस बारिश का असर आम की फसल पर भी देखने को मिल रहा हैं। आम की फसल पर पहले ही मौसम की मार पड़ चुकी थी जिसकी वजह से इस बार पैदावार कम हुई थी। वहीं अब पैदावार होने के बाद लगातार हो रही बारिश की वजह से इसका असर आम की फसल पर देखने को मिल रहा हैं।
नूरपुर इलाके का नूरपुरी आम समस्त उत्तर भारत में एक अलग पहचान बनाए हुए हैं इसलिए इसे खरीदने बाहरी राज्यों के व्यापारी भी नूरपुर कस्बा, जसूर मंडी में पहुंचते हैं। फलों का राजा आम जिसका सीजन चला हुआ है पर जो भाव मंडी में बागवानों, किसानों को मिल रहा उसे देख किसान बागवान के चेहरे मुरझाने शुरू हो गए हैं। एक तो पहले बे मौसमी बारिश होने से अंकुर काला पड़ गया और गिर गया था। जो बचा था तो उसे देख बागवानों ने उम्मीद जताई थी कि फसल कम होने पर उन्हें भाव अच्छा मिलेगा जिससे उनकी मेहनत रंग ला सकती हैं। मगर कुदरत ने जो बेरुखी दिखाई ओर लगातार जो बारिश होना शुरू हुई उससे आम का भाव भी कम हो गया हैं।
लोकल मंडी में बाहरी राज्यों के व्यपारियों का खरीददारी करना भी कम हो गया हैं,क्योंकि इस बारिश से मैदानी इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। अब बारिश होने से आम का रंग भी काला पड़ना शुरू हो चुका हैं।
जीवन कुमार ने कहा कि आम की तुड़ाई लगाई हुई हैं। बारिश की वजह से आम काला पड़ना शुरू हो गया हैं। हमारी मेहनत भी हमारे पास नहीं आ रही हैं। मंडी में आम का भाव भी ठीक नहीं मिल रहा जिससे उन्हें इस बार उन्हें प्रॉफिट भी नहीं हो रहा हैं।
बागवान प्रदीप सिंह ने कहा कि हमने आज आम की तुड़ाई लगवाई हुई हैं। पहले भी हम आम मंडी लेकर गए हैंम अब दूसरी बार लें जाने के लिए तुड़वाई का काम किया जा रहा हैं। अब भाव भी ठीक नहीं हैं, मार्किट में कोई तेजी नहीं हैं। इस बार फसल कम हुई है क्योंकि शुरू में ही बारिश पड़ने से अंकुर सड़ गया था थोड़ा ही बचा था अब बारिश पड़ने से आम काला पड़ना शुरू हो गया हैं। उन्होंने कहा कि बारिश ने इस बारे में उनकी आम की फसल और आम के सीजन को पूरी तरह से धो दिया है इस सीजन में उन्हें मुनाफा होने की उम्मीद होती थी, लेकिन इस बार बारिश से आम की पैदावार कम होने और दाम न मिलने से बागवानों को घाटा उठाना पड़ रहा हैं।
