प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नैना देवी मंदिर में हो रही अनियमितताओं को दूर करने की मांग पूर्व मंत्री विधायक ठाकुर रामलाल सरकार और मंदिर प्रशासन से करते आ रहे है लेकिन अभी तक कोई भी सुनवाई या कार्रवाई उनकी मांगों को लेकर नहीं कि गई है। अब पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने मंदिर न्यास से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने के साथ ही भूख हड़ताल करने का एलान कर दिया है।
पूर्व मंत्री विधायक ठाकुर रामलाल ने आज नैना देवी में आयोजित की गई पत्रकार वार्ता में बताया कि वह मंदिर न्यास की लूटपाट को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यालय के बाहर अपने समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन से पहले सांकेतिक धरना माता श्री नैना देवी के दरबार में दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि श्री नैना देवी में कई महीनों से मंदिर अधिकारी की तैनाती ना होना , लिफ्ट से स्थानीय जनता की रोजी रोटी कारोबार को प्रभावित करना, मंदिर क्षेत्र मे सफाई की अव्यवस्था , पुजारियों को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश न करने देना, मंदिर न्यास के स्कूल का सरकारीकरण करना, भाजपा नेताओं के की ओर से मंदिर में की जा रही लूटपाट ओर अन्य कई मुद्दों को वह बार-बार सरकार के समक्ष उठाते रहे हैं लेकिन मंदिर प्रशासन और प्रदेश सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि मंदिर न्यास की सोना चांदी और नगदी की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी है, लेकिन उसकी संभाल करने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अंदर कई बार मंदिर अधिकारी का मुद्दा उठाया लेकिन आज तक स्थाई रूप से मंदिर अधिकारी की नियुक्ति मंदिर में नहीं हो पाई है। मंदिर में साफ -सफाई का बहुत बुरा हाल है। यहां तक कि
मंदिर प्रशासन के आदेशों के मुताबिक पुजारियों को मंदिर के गर्भगृह में जाना मना किया गया है जबकि अन्य लोगों के लिए है यह पाबंदी नहीं है। उन्होंने कहा कि मंदिर में लगाई जा रही लिफ्ट से स्थानीय रेडी फड़ी, डोली वालों का इसके अलावा दुकानदारों का भारी नुकसान होने वाला है जिसमें करोड़ों रुपए मंदिर न्यास के खर्च किए जा रहे हैं,जबकि अपंग श्रद्धालु काफी कम संख्या में मंदिर में आते हैं उनके लिए कोई और व्यवस्था की जानी चाहिए।
रामलाल ठाकुर ने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर वह जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को चिट्ठी लिखने वाले हैं। इसके बाद भी अगर इन सभी समस्याओं का निवारण नहीं होता हैं तो वह मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर बाहर भूख हड़ताल धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे
