सचिन शर्मा, मनाली: प्रदूषण कितन दिनों में भारी बारिश के चलते व्यास नदी में बाढ़ आ गई थी। वहीं इस बाढ़ की चपेट में पंजाब रोडवेज की बस भी आई थी और यह बस मलबे में दब गई थी। आपदा के इतने दिन बीतने के बाद भी इस बस के मलबे से श+वों के मिलने का सिलसिला जारी हैं। बुधवार को बस के मलबे में दबे तीन श+व बरामद हुए हैं। मनाली प्रशासन व पुलिस ने चार घंटे रेस्क्यू अभियान चलाकर श+वों को निकालने में सफलता पाई हैं।
दुख की बात यह भी हैं कि यह जो श+व बस के मलबे से बरामद हुए हैं वह सब श+व ही परिवार के हैं। मां, बेटी व दादा के श+व बस के मलवे से बरामद हुए हैं। शवों की शिनाख्त 62 वर्षीय अब्दुल, उसकी बहु 32 वर्षीय प्रवीण व पोती पांच वर्षीय अलवीर के रूप में हुई हैं। इनकी रिश्तेदार मीरा ने बताया कि अब्दुल मजीद का बेटा बहार (40), नाजमा (35), इश्तिहार (21), उमेरा बीबी (20), करीना (18), वारिस (12), मौसम (6) व एक रिश्तेदार एजाज अहमद मुसाफिरखाना जनपद अमेठी के कादिम अलीगांव निवासी अभी भी गायब हैं।
बता दें कि बीते दिनों भारी बारिश और ब्यास नदी में आई बाढ के कारण पंजाब रोडवेज की बस जब बाढ़ में बही तो उस समय उसमें बस, कंडक्टर सहित कुल 13 लोग सवार थे। बस चालक का श+व पहले ही मंडी में बरामद कर लिया गया था जबकि अभी नौ लोग लापता चल रहे हैं। यह बस 9 जुलाई रविवार के दिन दोपहर 2 बजकर 40 मिनट पर बस नंबर (PB65BB4893) चंडीगढ़ 43 सेक्टर से मनाली के लिए निकली थी। बस में एक ही परिवार के 11 लोग सफर कर रहे थे।
डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि बस की शिनाख्त 23 जुलाई को हो गई थी लेकिन नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण रेस्क्यू ओपरेशन नहीं चलाया जा सका। बुधवार को लगभग चार घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जेसीबी की मदद से तीन श+व निकालने में सफलता मिल पाई हैं। पोस्टमार्टम कर श+व परिजनों को सौंप दिए गए हैं। शेष लापता व्यक्तियों की तलाश जारी हैं। मृत+कों के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर 90 हजार रूपए की राशि दे दी गई हैं।
