मंडी, धर्मवीर-:सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले मंडी जिला में पहली बार साहित्य उत्सव होने जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष पर मंडी जिला प्रशासन कल यानी 14 फरवरी को मंडी शहर के संकन गार्डन यानी ऐतिहासिक घंटाघर के नीचे इस एक दिवसीय साहित्य उत्सव को आयोजित करने जा रहा है। इस उत्सव में कई नामी साहित्यकार, लेखक और कलम के हुनरबाज भाग लेकर साहित्य पर चर्चा और मंथन करेंगे।
मंडी जिला प्रशासन ने इस संदर्भ में सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है और इसका लोगो भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि मंडी शहर सदियों से कला एवं संस्कृति का संवाहक रहा है। साहित्य के क्षेत्र में भी यहां के रचनाकारों ने उत्कृष्ट साहित्य सृजन कर देश-विदेश में अपनी विशेष पहचान बनाई है। इस बार एक महत्वकांक्षी पहल करते हुए छोटी काशी साहित्य उत्सव का आयोजन शिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। इसमें मंडी के साहित्यकारों की उपलब्धियों एवं रचनाओं पर पांच पैनल डिस्कशन रखी गई हैं। इसके अलावा यहां की ललित कलाओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा। दिन भर चलने वाले इस साहित्य उत्सव का समापन शाम के समय गजल संध्या के साथ किया जाएगा।
नामी साहित्यकार और लेखक लेंगे भाग
मंडी में आयोजित होने जा रहे पहले साहित्य उत्सव का शुभारंभ जाने-माने लेखक, इतिहासकार एवं पत्रकार राजा भसीन करेंगे। उत्सव के दौरान प्रथम सत्र में रूपेश्वरी शर्मा, डॉ. रेखा वशिष्ठ, कृष्णचंद महादेविया, मुरारी शर्मा और पृथीपाल मंडयाली लोक साहित्य एवं समकालीन साहित्य पर चर्चा करेंगे। दूसरे सत्र में डॉ. राकेश शर्मा, बीरबल शर्मा, सीमा शर्मा और राजेश ललित कला और फोटोग्राफी विधा पर, तृतीय सत्र में पवन चौहान, रमेश रवि, कृष्णचंद महादेविया और सीमा शर्मा बाल कहानियां विधा में ‘किस्मों की विरासतः लोक कथा से बाल कथा तक’ विषय पर चर्चा करेंगे। चौथे सत्र में डॉ. शिवम त्यागी, जीवन पठानिया, सुशांत व डॉ. अनिता ठाकुर युवा लेखन एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर तथा अंतिम सत्र में जगदीश कपूर, कुलदीप गुलेरिया, विनोद बहल, प्रकाश चंद धीमान और सत्य महेश शर्मा हिमाचल प्रदेश के लोक साहित्य एवं भाषा पर चर्चा करेंगे। गज़ल संध्या में रिषभ भारद्वाज और कुलदीप अपनी प्रस्तुतियां देंगे।