बिलासपुर, सुभाष -:जिला बिलासपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र का विस्तार करने के उद्देश्य से वन विभाग ने ‘सीड बॉल’ तकनीक के माध्यम से पौधरोपण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान की शुरुआत अगले सप्ताह सदर बिलासपुर के बंदला धार क्षेत्र से की जाएगी।सीड बॉल तकनीक के तहत पेड़ों के बीजों को गीली मिट्टी और जैविक खाद के मिश्रण से तैयार छोटी-छोटी गेंदों में सुरक्षित किया जाता है। इन्हें सूखने के बाद जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में बिखेर दिया जाता है। बारिश के दौरान नमी मिलने पर बीज स्वतः अंकुरित होकर पौधों में विकसित हो जाते हैं। यह तकनीक विशेष रूप से उन स्थानों के लिए उपयोगी मानी जाती है, जहां पारंपरिक तरीके से पौधरोपण करना कठिन होता है।
वन विभाग ने पहले चरण में 5,000 सीड बॉल तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें अमलतास और नीम के बीजों का उपयोग किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक रूप से अधिक से अधिक पौधे विकसित हो सकें और जिले का हरित क्षेत्र बढ़ाया जा सके।वन विभाग के अनुसार अभियान का पहला चरण बंदला धार में शुरू होगा। इसके बाद कोटधार और ब्रह्मपुखर के आसपास के वन क्षेत्रों में भी सीड बॉल बिखेरी जाएंगी। इन क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां इस तकनीक के लिए उपयुक्त मानी गई हैं।विभाग का कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में जिले के अन्य उपयुक्त वन क्षेत्रों में भी इस तकनीक का विस्तार किया जाएगा। इस पहल से कम लागत में बड़े क्षेत्र में पौधरोपण संभव होगा और दुर्गम व पथरीले इलाकों में भी हरित आवरण बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।वन परिक्षेत्र अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में पहली बार सीड बॉल तकनीक के माध्यम से पौधरोपण अभियान शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में बंदला धार से इसकी शुरुआत होगी और सफलता मिलने पर इसे अन्य वन क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
